गाजियाबाद/हापुड़- तीन दिन पहले कपूरपुर थाना क्षेत्र के गांव उदयरामपुर के एक बंद रजवाहे में मिली महिला की लाश की पहचान गाजियाबाद की रहने वाली 28 वर्षीय सुशीला के रूप में हुई है। मूल रूप से अलीगढ़ के बेजला गांव की निवासी सुशीला, गाजियाबाद के मोहल्ला सुदामापुरी में अपने माता-पिता और बहन के साथ रहकर घरेलू काम करती थीं।
पुलिस ने हत्या की गुत्थी को सुलझाते हुए दो महिलाओं सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग लड़की को भी हिरासत में लिया गया है। एसपी ज्ञानंजय सिंह ने जानकारी दी कि इस मामले की मुख्य साजिशकर्ता महिला बबली है, जो सुशीला को अपने प्रेम संबंधों में बाधा मानती थी।
हत्या की साजिश: प्रेम और जलन की खौफनाक कहानी
जांच में सामने आया कि बबली के पिछले पांच वर्षों से गौरव नामक व्यक्ति से संबंध थे, जो गाजियाबाद के महाराणा विहार, बिहारीपुरा में उसके साथ पति-पत्नी की तरह रह रहा था। करीब एक साल पहले गौरव और सुशीला के बीच नज़दीकियां बढ़ गईं, जिसकी भनक बबली को लग गई थी। इसके बाद बबली ने सुशीला को रास्ते से हटाने की योजना बनाई।
बबली ने अपनी मित्र सुमन, उसकी मदद से पिकअप चालक भतीजे विपिन और अपनी नाबालिग बेटी को इस साजिश में शामिल कर लिया। 26 अगस्त को बबली ने सुशीला को गाजियाबाद के क्रॉसिंग चौक पर मिलने बुलाया और घूमने के बहाने पिकअप में बैठाकर सुनसान इलाके की ओर ले गए। वहां सभी ने मिलकर गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को हापुड़ के उदयरामपुर गांव के रजवाहे में फेंक दिया।
गौरव से पूछताछ में खुला राज
मामले की तह तक पहुंचते हुए पुलिस ने जब गौरव से पूछताछ की तो उसने बताया कि बबली को जब सुशीला से उसके संबंधों की जानकारी मिली, तो वह बेहद नाराज़ हो गई थी। पहले भी दोनों महिलाओं के बीच इस मुद्दे पर बहस और हाथापाई हो चुकी थी। बबली को डर था कि गौरव उसके साथ संबंध तोड़कर सुशीला के पास न चला जाए, इसी वजह से उसने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया।







