घाटों और जंगलों में छिपे थे बाबा के भेष में ठग, अन्य राज्यों से आए थे कई
टिहरी। भेष बदलकर श्रद्धालुओं की आस्था से खिलवाड़ करने वाले फर्जी बाबाओं पर अब पुलिस की सख्त नजर है। उत्तराखंड पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन कालनेमि” के तहत टिहरी जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 33 कथित साधु–सन्यासियों को गिरफ्तार किया है, जो संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त पाए गए।
पुलिस अधीक्षक टिहरी के निर्देशानुसार सोमवार को थाना मुनिकीरेती के अंतर्गत जानकी पुल और शिवपुरी चौकी क्षेत्र में यह संयुक्त कार्रवाई की गई। इस दौरान पुलिस टीमों ने गंगा घाटों और आसपास के जंगलों में घूम रहे संदिग्ध बाबाओं की धरपकड़ की।
कार्रवाई के दौरान कुल 60 संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया गया, जिनमें से 33 ढोंगी बाबाओं के खिलाफ पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया गया। इन सभी पर आरोप है कि ये लोग फर्जी साधु का रूप धारण कर श्रद्धालुओं से पैसे ऐंठते थे और अपने असली पहचान को छुपाए हुए थे।
गिरफ्तार किए गए ढोंगियों में कई अन्य राज्यों से आए लोग शामिल हैं, जिनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और दिल्ली जैसे राज्यों के निवासी शामिल हैं। इन लोगों ने साधु के भेष में स्थानीय लोगों और पर्यटकों को धोखे में रखकर आस्था की आड़ में अवैध गतिविधियों को अंजाम देने की कोशिश की थी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन कालनेमि भविष्य में भी जारी रहेगा और ऐसे किसी भी फर्जी धार्मिक गतिविधियों में लिप्त व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।







