फरीदकोट (पंजाब): फरीदकोट पुलिस, काउंटर इंटेलिजेंस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) की संयुक्त कार्रवाई में एक हफ्ते पहले हुए चर्चित हत्या कांड का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने बंबीहा गैंग से जुड़े सात आरोपियों को गिरफ़्तार किया है, जिनमें तीन शूटर और चार सहयोगी शामिल हैं।
हत्या के पीछे गैंगवार, निशाना था कोई और, मारा गया ड्राइवर
यह वारदात 22 जुलाई को ब्राह्मण वाला गांव में उस समय हुई थी, जब मोटरसाइकिल पर सवार तीन हमलावरों ने एंडेवर कार में बैठे यादविंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। यादविंदर उस समय जीवनजोत सिंह उर्फ जुगनू की गाड़ी चला रहा था। जांच में सामने आया है कि असली निशाना जुगनू था, जो सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड में क्लीनचिट पा चुका है।
विदेश में बैठा गैंगस्टर लक्की पटियाल था साजिशकर्ता
फरीदकोट रेंज के डीआईजी अश्विनी कपूर और एसएसपी डॉ. प्रज्ञा जैन ने बताया कि हत्या की योजना बंबीहा गैंग से जुड़े विदेश में रह रहे गैंगस्टर गौरव उर्फ लक्की पटियाल ने रची थी। लक्की ने अपने भाई दीपक मान की मौत का बदला लेने के लिए जुगनू को मारने का आदेश दिया था।
गिरफ्तारी के दौरान फायरिंग, घायल हुआ आरोपी
मुख्य शूटर चिंकी को सिरसा से पकड़ा गया। गिरफ्तारी के समय जब उसे हत्या में इस्तेमाल मोटरसाइकिल की बरामदगी के लिए ले जाया गया, तो उसने पुलिस पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में वह घायल हो गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए शूटर हैं – जैतो निवासी चिंकी, जलालाबाद का गुरमीत सिंह उर्फ गुंबर राजपूत और मनप्रीत सिंह उर्फ गटरी। इनके चार सहयोगी – सिरसा का सूरज कुमार, फिरोजपुर निवासी जसवंत सिंह उर्फ मंगल, हरमनप्रीत सिंह उर्फ हरमन और बंटी भी पकड़े गए हैं। इन्होंने शूटरों को आश्रय, धन और हथियार मुहैया कराए थे।
बरामदगी और आगे की कार्रवाई
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 पिस्तौल, 21 कारतूस और एक मोटरसाइकिल जब्त की है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है।







