सुसाइड नोट में लगाया मानसिक उत्पीड़न का आरोप, मृतका के परिवार ने अन्य आरोपियों पर भी कार्रवाई की मांग की
हरयाणा- ग्रेटर नोएडा स्थित शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस द्वितीय वर्ष की छात्रा, 21 वर्षीय ज्योति शर्मा, का शव हॉस्टल के कमरे में फांसी पर लटका मिला। पुलिस द्वारा घटनास्थल से मिले सुसाइड नोट में दो प्रोफेसरों के नाम सामने आए हैं, जिन पर मानसिक उत्पीड़न और अपमान का आरोप लगाया गया है। दोनों आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
परिवार की मांग है कि सभी संदिग्धों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। मृतका के भाई देवेंद्र ने कहा कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन और कुछ शिक्षकों द्वारा लगातार मानसिक दबाव बनाया गया, जिसके चलते ज्योति ने यह कदम उठाया।
ज्योति मूल रूप से हरियाणा के भिवानी जिले की निवासी थीं, और उनका परिवार पिछले कुछ वर्षों से गुरुग्राम में रह रहा था। घटना के बाद गांव और समाज में आक्रोश का माहौल है। कई स्थानीय प्रतिनिधि व ग्रामीणों ने सरकार से निष्पक्ष जांच और मृतका को न्याय दिलाने की मांग की है।
सुसाइड नोट में ज्योति ने स्पष्ट रूप से कुछ शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराते हुए लिखा: “अगर मैं मर गई, तो इसके लिए पीसीपी और डेंटल मटेरियल के टीचर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और अपमानित किया।”







