आगरा: वन विभाग में भ्रष्टाचार का बड़ा मामला सामने आया है। एंटी करप्शन टीम ने शुक्रवार को वन विभाग के प्रधान सहायक किशोर चतुर्वेदी को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया। यह रकम पेट्रोल पंप की एनओसी जारी करने के एवज में ली जा रही थी। आरोपी के पास से नकद राशि बरामद कर उसे जमुनापार थाने में सौंप दिया गया है। अब शनिवार को उसे भ्रष्टाचार निवारण न्यायालय, मेरठ में पेश किया जाएगा।
पेट्रोल पंप एनओसी के लिए मांगी थी दो लाख की रिश्वत
महावन के प्रेमनगर खुर्द निवासी रोहताश तंवर और रिफाइनरी क्षेत्र के राजन सिंह ने 8 जुलाई को एंटी करप्शन टीम से शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार, नगला हसनपुर (आगरा-दिल्ली मार्ग) स्थित पेट्रोल पंप के निर्माण के लिए वन विभाग से एनओसी की जरूरत थी। इसी प्रक्रिया में प्रधान सहायक किशोर चतुर्वेदी ने उनसे ₹2 लाख की मांग की थी। काफी बातचीत के बाद ₹50,000 में एनओसी जारी करने की डील तय हुई।
एंटी करप्शन टीम ने की प्लानिंग, रंगे हाथों हुई गिरफ्तारी
शिकायत की पुष्टि के बाद एंटी करप्शन टीम ने विशेष योजना बनाई। शुक्रवार को रोहताश और राजन टीम द्वारा तैयार किए गए केमिकलयुक्त ₹50,000 लेकर वन विभाग कार्यालय पहुंचे। जैसे ही उन्होंने यह रकम किशोर चतुर्वेदी को सौंपी, वे बाहर निकले और एंटी करप्शन टीम अंदर घुसी। टीम प्रभारी सहवीर सिंह के नेतृत्व में छापेमारी कर आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया गया।
जेल भेजे जाने की तैयारी
सीओ संदीप सिंह ने बताया कि आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शनिवार को उसे एंटी करप्शन कोर्ट, मेरठ में पेश किया जाएगा, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाएगा। फिलहाल मामला एंटी करप्शन टीम की निगरानी में है और आगे की जांच जारी है।







