आरती और विकास ने मंदिर में रचाई थी शादी, भाई आकाश और उसके साथियों ने बेरहमी से उतारा मौत के घाट; 50 लाख की डील का भी लगा आरोप
बागपत। बागपत जिले में एक दर्दनाक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां अंतरजातीय विवाह के चलते 28 वर्षीय विकास गुर्जर की बेरहमी से हत्या कर दी गई। आरोप है कि उसकी पत्नी के भाई आकाश ने अपनी पत्नी, बहन और एक पड़ोसी के साथ मिलकर विकास के सिर पर ईंटों से हमला कर उसकी जान ले ली।
घटना सोमवार रात नंगलाबड़ी गांव की है। विकास की पत्नी आरती की तहरीर पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्यार की कीमत जान देकर चुकानी पड़ी
आरती चौधरी की पहली शादी आठ साल पहले किरठल निवासी युवक से हुई थी। ससुराल में दहेज उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद वह मायके लौट आई थी। दो साल पहले उसकी मुलाकात विकास गुर्जर से हुई और दोनों ने मंदिर में विवाह रचाया। वे खेकड़ा में किराए के मकान में साथ रहने लगे।
विकास एक प्रॉपर्टी डीलर था और भजन विहार कॉलोनी, बागपत का निवासी था। लेकिन आरती का भाई आकाश उनकी शादी से नाराज़ था और रिश्ते को कभी स्वीकार नहीं कर पाया।
हत्या की रात: घर में शुरू हुआ झगड़ा, सड़क पर बहा खून
चार दिन पहले आरती को हाथ में दर्द होने पर वह मायके चली आई थी, जहां विकास भी रोज शाम को आता और सुबह लौट जाता था। सोमवार की रात आरती की मां नीतू देवी कपड़े लेने अपने पुराने घर गईं, जहां आकाश ने उनके साथ गाली-गलौज और तोड़फोड़ की। जब पिता कंवरपाल पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट हुई।
आरती जब बीच-बचाव करने पहुंची, तो आकाश और उसके घरवालों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान विकास वहां पहुंचा और आरती को बचाने की कोशिश की। तभी आकाश ने निधि, अंकिता और पड़ोसी विजय के साथ मिलकर ईंटों से विकास पर हमला कर दिया।
हमले के बाद भी जब विकास जमीन पर गिरा हुआ था, तब भी उस पर वार किए जाते रहे। चश्मदीदों के अनुसार, विकास ने आरती को बचाते हुए कहा, “आरती को छोड़ दो, मुझे मार लो।”
“ऐसे मारा जाता है आदमी!”
वारदात के बाद आकाश गली में चिल्लाकर बोला, “ऐसे मारा जाता है आदमी! जाकर देख लो।” लोग जब तक पहुंचे, विकास की सांसें थम चुकी थीं।
आरती ने पुलिस को तुरंत फोन किया, लेकिन डायल 112 पर संपर्क नहीं हो सका। बाद में ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद चारों आरोपियों को हिरासत में लिया गया।
दो सप्ताह से थी अनबन, 50 लाख रुपये भी दे चुका था विकास
मृतक के पिता रामकिशन, जो सेवानिवृत्त लेखपाल हैं, ने बताया कि विकास उनका सबसे छोटा बेटा था। उन्होंने विकास और आरती की शादी को कभी स्वीकार नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आरती के घरवाले विकास पर पैसों का दबाव बना रहे थे और इसी कारण वह दो हफ्तों से उनसे बात नहीं कर रहा था।
उन्होंने बताया कि विकास ने अपनी संपत्ति बेचकर ससुराल पक्ष को करीब 50 लाख रुपये दिए थे। परिवार को शक है कि रुपये हड़पने के लिए ही विकास की हत्या की गई।
पुलिस जांच में क्या निकला सामने?
एएसपी एनपी सिंह के मुताबिक, आरोपी आकाश ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसे बहन के विकास से विवाह करने पर गुस्सा था। इसी कारण उसने हत्या को अंजाम दिया। मामले में गहन जांच चल रही है और चारों आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया जारी है।







