मध्य प्रदेश: प्रदेश की लोकप्रिय सामाजिक योजना लाडली बहना योजना की आड़ में भोले-भाले ग्रामीणों से सायबर ठगी करने वाले गैंग का भंडाफोड़ हुआ है। ऊमरी थाना पुलिस और साइबर टीम की संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को ग्राम बझाई से गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपी खुद को ग्वालियर निवासी बता रहे हैं।
ठगी का तरीका:
पीड़ित अजय नरवरिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि तीन युवक उसके घर पहुंचे और खुद को “मप्र शासन की ओर से लाडली बहना योजना से जुड़ा कर्मचारी” बताने लगे। उन्होंने झांसा दिया कि वे उसकी पत्नी की योजना की किस्त ₹1250 से बढ़ाकर ₹3000 करवा सकते हैं। इसके बदले में उन्होंने ₹5000, आधार कार्ड, बैंक पासबुक ली और जाते-जाते घर से पीड़ित का मोबाइल भी चुरा ले गए।
गांव वालों की सजगता से पकड़े गए आरोपी:
पाण्डरी गांव के अन्य निवासियों ने भी सूचना दी कि कुछ युवक गांव में घूम-घूमकर महिलाओं की पासबुक और आधार कार्ड मांग रहे हैं, जो संदिग्ध लग रहे हैं। सूचना मिलते ही ऊमरी थाना प्रभारी शिव प्रताप सिंह ने तत्काल सर्च ऑपरेशन चलाया और ग्राम बझाई से तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया।
साइबर गैंग का खुलासा:
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे लोगों को सरकारी योजनाओं के नाम पर झांसा देकर उनके आधार कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड इकट्ठा करते हैं। इसके बाद ये दस्तावेज साइबर ठगों को झारखंड, बिहार और हरियाणा जैसे राज्यों में ₹15,000–₹20,000 तक में बेच दिए जाते हैं।
कुछ लोग लालच में खुद ही ₹2,000–₹5,000 लेकर अपने बैंक अकाउंट भी इन ठगों को सौंप देते हैं।
बरामदगी:
आरोपियों के कब्जे से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, सिम कार्ड आदि बरामद किए गए हैं। पुलिस अब इस गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों और खरीदारों की तलाश में जुटी है।
पुलिस की अपील:
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि कोई भी अज्ञात व्यक्ति यदि योजना की किस्त बढ़ाने, पैसा दिलवाने या दस्तावेज मांगने का झांसा दे, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। अपनी निजी जानकारी और बैंक संबंधित दस्तावेज किसी के साथ साझा न करें।







