नोएडा पुलिस ने किया हाई-एंड ड्रग सिंडिकेट का खुलासा, ओजी गांजे की सप्लाई में ताइवान कनेक्शन
दिल्ली-एनसीआर में नशे का जाल अब और गहराता जा रहा है। पारंपरिक नशीले पदार्थों के बाद अब विदेशी किस्म के ओजी गांजे की मांग तेजी से बढ़ी है, जो मूल रूप से थाइलैंड और ताइवान में उगाया जाता है। यह सामान्य देसी गांजे से कहीं अधिक प्रभावशाली और महंगा होता है।
नोएडा पुलिस द्वारा हाल ही में पकड़े गए ड्रग्स सिंडिकेट के खुलासे में सामने आया है कि अब राजधानी क्षेत्र में ओजी गांजे की खपत तेजी से बढ़ रही है। पहले जहां गांजे की आपूर्ति आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उड़ीसा और झारखंड जैसे राज्यों से की जाती थी, अब तस्करों ने अपने नेटवर्क को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैला लिया है। इस नए नेटवर्क के तहत गांजे की खेप पूर्वोत्तर भारत के शिलॉन्ग और राजस्थान के उदयपुर से भी मंगाई जा रही है।
इस नेटवर्क के ज़रिए न केवल ओजी गांजा बल्कि एमडीएमए जैसी सिंथेटिक ड्रग्स की भी सप्लाई हो रही है। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डार्क वेब और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे स्नैपचैट, टेलीग्राम और व्हाट्सएप का इस्तेमाल करके ऑर्डर लेते और सप्लाई करते हैं। ग्राहक ऑनलाइन या नकद भुगतान कर, मनचाहे पते पर ड्रग्स मंगवाते हैं। डिलीवरी के लिए दोपहिया वाहनों का इस्तेमाल किया जाता है।
थाइलैंड और ताइवान से आने वाला ओजी गांजा अपनी उच्च गुणवत्ता और तीव्र नशे के कारण दिल्ली-एनसीआर में हाई डिमांड में है। इसकी कीमत प्रति ग्राम ₹10,000 तक बताई जा रही है। नोएडा पुलिस के मुताबिक, इस मामले में एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसका सीधा संबंध थाइलैंड से जुड़ा पाया गया है। डीसीपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि पुलिस इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए छानबीन तेज कर चुकी है।







