हरियाणा। स्कूल में 7 वर्षीय बच्ची के साथ हुई शर्मनाक घटना के आरोपी को कोर्ट ने दोषी ठहराया है। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट के एडीशनल सेशन जज लोकेश गुप्ता ने पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को 7 साल के सश्रम कारावास और 24 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर 20 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
2024 की घटना, जिसने पूरे इलाके को झकझोर दिया
यह मामला 15 फरवरी 2024 का है, जब एक ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली 7 वर्षीय बच्ची स्कूल गई थी। लंच टाइम के दौरान एक व्यक्ति ने उसे जबरन स्कूल के बाथरूम में ले जाकर अश्लील हरकत की। बच्ची के रोने की आवाज सुनकर अन्य छात्र वहां पहुंचे और शिक्षकों को सूचना दी। शिक्षकों के मौके पर पहुंचते ही आरोपी वहां से फरार हो गया।
परिजनों की त्वरित शिकायत पर पुलिस ने की कार्रवाई
घटना के बाद बच्ची ने घर पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी अपने माता-पिता को दी। परिजनों ने तुरंत थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बताया गया कि आरोपी उसी गांव का निवासी है। पुलिस ने गंभीरता से मामला लेते हुए तुरंत कार्रवाई की और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
मजबूत जांच और अदालत में पेश साक्ष्यों से मिला न्याय
पुलिस ने पूरी जांच के बाद आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। जांच में जुटाए गए साक्ष्य और दर्ज किए गए गवाहों के बयान कोर्ट के सामने प्रस्तुत किए गए। फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में सुनवाई के दौरान, एडीशनल सेशन जज लोकेश गुप्ता ने सभी तथ्यों की बारीकी से समीक्षा की और आरोपी को दोषी ठहराया।
फैसला: दोषी को 7 साल की सश्रम कैद और जुर्माना
अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत 7 साल की सश्रम कारावास और 24 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि यदि दोषी जुर्माना नहीं देता है, तो उसे 20 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।







