गाजियाबाद। नंदग्राम थाना क्षेत्र के राजनगर एक्सटेंशन स्थित वीवीआईपी एड्रेसेज सोसायटी में रहने वाले राजीव शर्मा ने 15 लोगों और उनकी कंपनियों के खिलाफ करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया है। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने उन्हें बेंगलुरु की एक फर्जी रियल एस्टेट परियोजना में निवेश कराने के नाम पर ठगा।
एसीपी नंदग्राम उपासना पांडेय ने बताया कि राजीव शर्मा से कुछ लोगों ने संपर्क कर कर्नाटक के होस्कोटे में “श्रीराम बागेश्री” नाम से आवासीय परियोजना में निवेश का प्रस्ताव दिया था। वर्ष 2018 में इस प्रोजेक्ट की जमीन खरीद पर 32 करोड़ रुपये खर्च होना दर्शाया गया। इसके बाद पीड़ित के बेटे शिवम शर्मा की मुलाकात विपुल जैन से कराई गई, जिसने खुद को “सैंकटम वेल्थ एडवाइजर्स प्रा. लि.” का प्रतिनिधि बताया।
आरोपियों ने दावा किया कि यह परियोजना दक्षिण भारत के प्रसिद्ध श्रीराम ग्रुप से जुड़ी है और लंबे समय से रियल एस्टेट सेक्टर में काम कर रही है। इस पर भरोसा कर राजीव शर्मा ने 50 लाख रुपये का निवेश कर दिया। बाद में जांच में पता चला कि इस परियोजना और श्रीराम ग्रुप के बीच कोई संबंध नहीं है और पूरी स्कीम फर्जी थी।
राजीव शर्मा ने इस संबंध में कई कंपनियों और उनके पदाधिकारियों के खिलाफ कोर्ट के आदेश पर एफआईआर दर्ज कराई, जिनमें शामिल हैं –
एसएल रेजिडेंशियल लेआउट प्रा. लि., श्रीराम लैंड डेवलपमेंट इंडिया प्रा. लि., माइल स्टन ट्रस्टीशिप सर्विसेज प्रा. लि., सैंकटम वेल्थ एडवाइजर्स प्रा. लि. और इनके निदेशक गिरीश वीर भदरप्पा, वैंकट रमन स्वामीनाथन, उमेश मनोहर सालवी, विपुल जैन, तेजस पाटिल, अनीला आहुजा, शिवाशीष गुप्ता, तन्मय केजरीवाल, रूपाली अमरूत भू आदि।
एसीपी उपासना पांडेय ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे नेटवर्क की वित्तीय लेनदेन और कंपनियों के रिकॉर्ड की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।







