करीब तीन साल बाद 19 जनवरी 2021 को मुकेश ने रितू की कुल्हाड़ी मारकर हत्या कर दी थी। रितू के पिता गुलाब सिंह की शिकायत पर भिवानी सदर थाना पुलिस ने पति और सास समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया था। अधिवक्ता नवीन बखेता ने बताया कि पुलिस ने जांच में दो आरोपियों को निर्दाेष बताकर आरोपी पति और सास के खिलाफ चालान पेश किया था। मामले की सुनवाई के दौरान मृतका की सास की भी मौत हो गई जबकि 25 अक्तूबर को भिवानी के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश केपी सिंह की कोर्ट ने दोषी मुकेश को उम्रकैद की सजा सुनाई और उस पर 50 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
अधिवक्ता नवीन बखेता ने बताया कि मृतका रितू की दो बच्चियां हैं। जिस समय उसकी हत्या की गई उस दौरान छोटी बच्ची 6 माह की थी। पत्नी की हत्या के बाद मुकेश छोटी बेटी को हिसार के अनाथ आश्रम में छोड़ आया था जबकि बड़ी बेटी पहले से नानी के घर रह रही थी।







