नई दिल्ली। प्रेमिका के पिता ने जब बेटी की शादी नहीं की तो आरोपी ने पिता व चाचा के साथ मिलकर लड़की के पिता की हत्या कर दी। बाद में सभी फरार हो गए। दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने नरेला इलाके में 31 साल पहले हुई हत्या के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान बांदा, यूपी निवासी प्रेम नारायण (51) के रूप में हुई है। आरोपी तक पहुंचने के लिए क्राइम ब्रांच के पुलिस अधिकारियों ने केटरर और बिल्डर का भेष बनाया। इसके बाद भी आरोपी पुलिस के सामने नहीं आ रहा था। काफी प्रयास के बाद आरोपी प्रेम नारायण को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया गया। वह कानपुर सिटी में राज मिस्त्री का काम कर रहा था।
पुलिस इससे पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। क्राइम ब्रांच के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि नरेला इलाके में 17 सितंबर 1993 को शंभू दयाल नामक व्यक्ति की ईंट व पत्थरों से वारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला शंभू दयाल के पड़ोस में आरोपी प्रेम नारायण व उसका परिवार रहता था। प्रेम नारायण की शंभू की बेटी से दोस्ती हो गई। प्रेम के कहने पर उसके पिता बाबू लाल व चाचा चुन्नी लाल ने शंभू से बेटी का रिश्ता मांगा। वह प्रेम से शंभू की बेटी की शादी करवाना चाहते थे। मना करने पर तीनों आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी। अगले दिन 18 सितंबर 1993 को शंभू की लाश मिली।
तीनों आरोपी अपने घरों से फरार मिले। लोकल पुलिस आरोपियों की तलाश करती रही, लेकिन उनको पता नहीं चला। इस बीच अपराध शाखा के इंस्पेक्टर मनमीत मलिक, एसआई रितेश कुमार व अन्यों को खबर मिली कि मुख्य आरोपी प्रेम कानपुर सिटी में छिपकर रहा है। वह एक रिश्तेदार की शादी में 11 जुलाई को आएगा। पुलिस की टीम ने केटरर का रूप धारण किया आरोपी वहां नहीं पहुंचा। चूंकि आरोपी राजमिस्त्री का काम करता था, टीम लोकल बिल्डर की मदद से उसके एरिया में एक्टिव हो गई। नई बिल्डिंग बनाने की बात कर आरोपी के घर संदेश भेजा गया। लेकिन आरोपी ने वहां अपने बेटे को भेजा। बाद में रुपये तय करने के लिए 48 घंटे बाद आरोपी पहुंचा तो उसे दबोच लिया गया।







