गाजियाबाद – गाजियाबाद की क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह के दो सदस्यों को दबोच लिया। आरोपियों के कब्जे से दिल्ली से चोरी की गई एक स्विफ्ट कार बरामद की गई है, जिस पर हरियाणा की फर्जी नंबर प्लेट लगाई गई थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी वाहन बेचने की तैयारी में थे।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मंडोली, दिल्ली निवासी महताब और मेरठ के लिसाड़ी गेट निवासी शमीम के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर और आसपास के राज्यों में सक्रिय थे। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि गिरोह अब तक करीब 36 वाहनों की चोरी कर चुका है।
इस पूरे नेटवर्क का सरगना हरेंद्र उर्फ हनी बताया जा रहा है, जबकि आस मोहम्मद उर्फ बकरा चोरी की गाड़ियों की बिक्री में मदद करता था। पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं।
जांच में सामने आया कि गिरोह सुनसान जगहों और पार्किंग में खड़े वाहनों की पहले रेकी करता था। इसके बाद तकनीकी तरीके से लॉक खोलकर गाड़ियां चोरी की जाती थीं। आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वे विशेष रूप से पुराने मॉडल की कारों को निशाना बनाते थे, क्योंकि उन्हें चुराना अपेक्षाकृत आसान होता था।
पुलिस के अनुसार, महताब के खिलाफ विभिन्न राज्यों में 27 और शमीम के खिलाफ 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं। आरोपी चोरी के बाद नंबर प्लेट बदल देते थे और दस्तावेजों में भी हेरफेर करने की कोशिश करते थे, ताकि वाहन को आसानी से बेचा जा सके।
फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी की अन्य गाड़ियां किन-किन लोगों को बेची गईं। बरामद कार को जब्त कर लिया गया है और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश जारी है।







