उत्तर प्रदेश- शनिवार रात को पुलिस ने एक सक्रिय गौ-तस्करी गिरोह के दो सदस्यों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों के पास से अवैध तमंचे, कारतूस और गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई सैदनगली थाना पुलिस और क्राइम टीम की संयुक्त मुहिम में की गई।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर की फायरिंग, पीछा कर पकड़े गए आरोपी
सीओ दीप कुमार पंत ने जानकारी दी कि शनिवार देर रात उझारी-ढबारसी रोड पर गंगा एक्सप्रेसवे के कुआडाली अंडरपास के पास चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। उसी दौरान तेज़ रफ्तार में आ रही एक संदिग्ध कार को रोकने का इशारा किया गया। लेकिन कार सवारों ने रुकने की बजाय पुलिस पर फायरिंग कर दी और भागने लगे।
पुलिस ने फौरन सर्विस रोड होते हुए ग्राम तरारा की ओर उनका पीछा किया। सूचना मिलते ही दूसरी पुलिस टीम ने इलाके को चारों ओर से घेर लिया। अपराधियों ने बचने के लिए कार को कच्चे रास्ते में मोड़ा, जिससे कार बंद हो गई। इसके बाद भी उन्होंने दोबारा पुलिस पर गोली चलाई, लेकिन पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दोनों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और बरामदगी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:
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चाहत, निवासी बहादुरगढ़, हापुड़
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अल्तमश, निवासी ढक्का, सैदनगली
पुलिस ने इनके पास से:
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दो अवैध तमंचे,
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जिंदा कारतूस और खोखे,
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एक कार,
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और गोकशी के उपकरण बरामद किए हैं।
दिल्ली में करते थे मांस की तस्करी, कई मामलों में पहले से वांछित
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आवारा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर उनका अवैध वध कर मांस दिल्ली में सप्लाई करते थे। उन्होंने 1 सितंबर 2025 को अमरोहा-संभल सीमा पर स्थित चांदपुर और मथना गांव में गोकशी की घटना में भी शामिल होने की बात स्वीकार की है।
अल्तमश पर पहले से ही थाना रजपुरा, जिला संभल में गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों के खिलाफ सैदनगली थाने में नया मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कानून व्यवस्था पर सख्ती, पुलिस की सतर्कता से बड़ी वारदात टली
इस मुठभेड़ और गिरफ्तारी को पुलिस ने बड़ी सफलता करार दिया है, क्योंकि गिरोह लंबे समय से क्षेत्र में अवैध गतिविधियों में लिप्त था। सीओ ने कहा कि “हम अपराध और अवैध तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रहे हैं।”







