नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने सरकारी कर्मचारियों को ब्लैकमेल कर वसूली करने वाले एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान आमिर चौधरी उर्फ सिकंदर और संजय गुप्ता के रूप में हुई है। दोनों की गिरफ्तारी अलग-अलग वसूली के मामलों में दर्ज एफआईआर के आधार पर की गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आमिर चौधरी कुख्यात अपराधी जीशान अली के गिरोह से जुड़ा हुआ था, जबकि संजय गुप्ता राजकुमार उर्फ राजू मीना द्वारा संचालित गैंग का सक्रिय सदस्य था। इन दोनों गिरोहों के खिलाफ अब तक कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि कई अन्य की तलाश जारी है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव के अनुसार, ये गिरोह खासतौर पर ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और अन्य सरकारी अधिकारियों को अपना निशाना बनाते थे। चालान काटने या वाहन जांच के दौरान आरोपी चोरी-छिपे वीडियो रिकॉर्ड कर लेते थे। बाद में इन वीडियो में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के जरिए छेड़छाड़ कर उन्हें गंभीर विभागीय कार्रवाई, निलंबन या झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती थी।
ब्लैकमेलिंग के जरिए अधिकारियों से बड़ी रकम वसूली जाती थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह पहले फर्जी ‘नो-एंट्री’ स्टिकर बेचकर वाहन चालकों को नियम तोड़ने के लिए उकसाता था। इसके बाद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों की कार्रवाई को रिकॉर्ड कर उसी फुटेज के आधार पर उन्हें ब्लैकमेल किया जाता था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर दोनों मामलों में मकोका और गैंगस्टर एक्ट जैसी सख्त धाराएं जोड़ी गई हैं। इस सिलसिले में 29 अप्रैल और 8 दिसंबर को दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे।
जांच के दौरान पुलिस ने पहले जीशान अली और उसके गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था। वहीं दूसरे मामले में राजकुमार उर्फ राजू मीना और उसके सहयोगी मुकेश उर्फ पकौड़ी को भी दबोचा जा चुका है। फिलहाल अपराध शाखा की टीम गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की जड़ तक पहुंचने में जुटी है।







