सुपौल। उत्पाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में अनन्य उत्पाद न्यायाधीश प्रथम अभिषेक कुमार की अदालत ने दोषी मो. तईब को कठोर सजा सुनाई। बिहार उत्पाद एवं मद्य निषेध अधिनियम, 2016 के तहत अदालत ने तईब को पांच वर्ष के कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। निर्धारित जुर्माना नहीं देने पर छह माह के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान भी आदेश में शामिल है।
2019 में बगान से मिली थी भारी मात्रा में शराब
अदालत ने इससे पहले 26 नवंबर को पिपरा थाना कांड संख्या 40/19 (उत्पाद सत्रवाद संख्या 99/19) में मो. तईब को दोषी करार दिया था। यह मामला 17 फरवरी 2019 का है, जब पिपरा पुलिस गश्ती के दौरान गुप्त सूचना पर पिपरा बाध स्थित संजय मंडल के बगान में पहुंची थी।
पुलिस को देखते ही एक युवक भागने लगा, जिसे पीछा कर पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम मो. तईब बताया और स्वीकार किया कि बगान में नेपाल से लाई गई देसी शराब छुपाकर रखी गई है तथा उसकी बिक्री भी की जाती है।
तईब की निशानदेही पर पुलिस ने बगान से 250.5 लीटर देसी शराब बरामद की थी। बरामदगी के आधार पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई और बाद में उसे गिरफ्तार कर न्यायिक प्रक्रिया में शामिल किया गया।
न्यायालय में गवाही, बहस और फैसले की प्रक्रिया
जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने संबंधित आरोप पत्र दाखिल किया, जिसके बाद अदालत ने 20 मार्च 2021 को आरोप गठन किया। विशेष लोक अभियोजक धर्मेंद्र कामत की ओर से एसपी के मार्गदर्शन में कुल पांच गवाहों की गवाही कराई गई, जबकि बचाव पक्ष ने दो गवाह प्रस्तुत किए।
अदालत ने 20 मई 2025 को अभियुक्त का बयान दर्ज किया और दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद मो. तईब को दोषी ठहराया। बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता वीरेंद्र कुमार झा और मो. अयूब ख़ां ने दलीलें प्रस्तुत कीं। अंततः शुक्रवार को अदालत ने सजा का आदेश पारित किया।







