दिल्ली- एनसीआर। दक्षिण-पश्चिमी जिले के स्पेशल स्टाफ ने चोरी के मोबाइल खरीदकर उनके फर्जी बिल बनाकर बेचने पर छात्र सौरभ व एक नाबालिग समेत पांच को पकड़ा है। सौरभ कानून की पढ़ाई कर रहा है और चौथे वर्ष का छात्र है। इनके कब्जे से चोरी की ज्वेलरी, चोरी के 40 मोबाइल फोन, दो फर्जी मोहर व फर्जी मोबाइल बिल बरामद किए गए हैं। फर्जी बिल बनाने के लिए इसने दो फर्जी फर्म बना रखी थीं।
मोची गांव, नानकपुरा, नई दिल्ली निवासी रीना ने अपने घर से तीन मोबाइल फोन, गहने और नकदी की चोरी के संबंध में शिकायत 30 जनवरीको साउथ कैंपस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिले के स्पेशल स्टाफ प्रभारी पवन दहिया की देखरेख में एसआई अशोक कुमार हाशिम, कृष्ण व एएसआई राजेश्वर की टीम ने साउथ कैंपस थाना प्रभारी नरेश कुमार के साथ संयुक्त रूप से जांच शुरू की। जांच के दौरान, लगभग 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके बाद पुलिस टीम ने किशनगढ़ के पास से चोरी के मोबाइल के साथ तुगलकाबाद निवासी रोज अली उर्फ नदीम को तीन फरवरी को गिरफ्तार कर लिया।
सात घंटे के इंतजार के बाद आरोपी सौरभ ने अपने फ्लैट का गेट खोला और गेट खोलने से पहले उसने अपने मोबाइल फोन से सारा डेटा डिलीट कर दिया। आरोपी सौरभ ने खुद को वकील बताया। बाद में पता चला कि वह एलएलबी का छात्र है। इन दोनों के गिरफ्तार करने के बाद गौतमपुरी निवासी सौरभ पुत्र सुरेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी सौरभ से पूछताछ की गई और उसने चोर का नाम ओखला टैंक के पास, मथुरा रोड निवासी मुमताज आलम उर्फ अजय उर्फ विजय बताया। एसआई अशोक कुमार की टीमने आरोपी मुमताज आलम को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इससे पूछताछ के बाद इसके नाबालिग साथी को पकड़ लिया।
जिप नेट पर देखकर बनाता था बिल
जिला पुलिस उपायुक्त रोहित मीणा ने बताया कि आरोपी सौरभ भीमराव अंबेडकर यूनिवर्सिटी, मथुरा यूपी से लॉ की पढ़ाई कर रहा है और चौथे वर्ष का छात्र है। आरोपी चोरों ने चोरी के मोबाइल दो से तीन हजार में खरीद लेता था। इसके बाद उनका जिपनेट पर रिकार्ड देखता था। अगर चोरी के मोबाइल का रिकार्ड मिल गया तो उसका फर्जी बिल बनाकर महंगे दामों पर बेच देता था। जिस मोबाइल का रिकार्ड नहीं मिलता उस मोबाइल को ऐसे ही बेच देता था।







