कानपुर। साइबर अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान में साइबर क्राइम सेल, रावतपुर और कल्याणपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने करीब 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गुरुवार को आईआईटी गेट के पास से चार आरोपितों को गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि आरोपित कूटरचित आधार कार्ड तैयार कर उनके जरिए म्यूल बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी से हासिल रकम को अलग-अलग खातों में भेजने और उसका लेनदेन करने के लिए किया जाता था।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी के मुताबिक, रावतपुर थाने में धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। इसी मामले की जांच के दौरान औरैया निवासी विपिन और शिवप्रताप को गिरफ्तार किया गया।
एनसीआरपी पोर्टल पर जांच के दौरान पुलिस को एक ऐसा बैंक खाता मिला, जिसमें महज तीन दिनों में करीब आठ करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। इस खाते के संबंध में अलग-अलग राज्यों में 115 शिकायतें दर्ज मिलीं। आगे की जांच में औरैया के बिधूना निवासी राजशेखर उर्फ अजीत और कानपुर देहात के रनियां निवासी हिमांशु गौतम के नाम सामने आए।
पूछताछ में पुलिस को आरोपितों से कूटरचित आधार कार्ड तैयार करने, म्यूल खाते खुलवाने और इन खातों के माध्यम से ऑनलाइन ठगी की रकम का लेनदेन करने से जुड़ी जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, राजशेखर इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड था और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए म्यूल खाते खुलवाता था।
वहीं, हिमांशु गौतम ने विजय नगर चौराहे पर ‘आर्बिट बिल्ड इंफ्रास्ट्रक्टर’ के नाम से एक कार्यालय खोल रखा था। पुलिस मामले में नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और लेनदेन की कड़ियों की भी जांच कर रही है। घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम के लिए डीसीपी ने 25 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है।







