पंजाब। जालंधर देहात पुलिस ने नकोदर इलाके में संचालित एक बड़े नवजात तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस कार्रवाई में सामने आया कि यह नेटवर्क लंबे समय से नवजात बच्चों की खरीद–फरोख्त कर रहा था और अब तक कई शिशुओं को 3 से 5 लाख रुपये में बेचा जा चुका है। मामले में 6 महिलाओं और 3 पुरुषों सहित कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
जांच के दौरान हैरान करने वाला खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपियों में शामिल एक पिता ने अपना ही नवजात बेटा 3 लाख रुपये में बेच दिया था। उसने अपनी पत्नी को यह कहकर गुमराह किया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है और उसकी बेहोशी की हालत में अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पुलिस को सूचना मिलते ही विशेष टीम का गठन किया गया और सौदा फाइनल होने से पहले ही आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया। नवजात बच्चे को सुरक्षित बरामद कर परिजनों की कस्टडी में सौंप दिया गया है।
पुलिस रिमांड में पता चला कि गिरोह की कमान मुख्य रूप से महिला आरोपियों के हाथ में थी। यह महिलाएं सरकारी अस्पतालों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर नजर रखती थीं, खासकर उन घरों पर जहां पहले से दो या अधिक बच्चे होते थे। पैसों का लालच देकर माता-पिता को बच्चों को बेचने के लिए उकसाया जाता था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जगजीत सिंह (लुधियाना), रंजीत कौर, अमरजीत कौर (गांव कलां, लुधियाना), रीना (भैणी बाघा, मानसा), कुलविंदर कौर मनी (कुस्सा, मोगा), गगनदीप कौर (संत नगर, मोगा), रजनी (निगाहा रोड, मोगा) और बलजीत सिंह (घोलियां खुर्द, मोगा) के रूप में हुई।
22 नवंबर को नकोदर पुलिस ने इनोवा कार में बच्चे की डील करने पहुंचे जगजीत सिंह और उसकी मां रंजीत कौर को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में पता चला कि यह गिरोह गरीब परिवारों से बच्चे खरीदकर बेऔलाद दंपतियों को मोटी रकम में बेचता था।







