श्रीगंगानगर। देशभर में हलचल मचाने वाले कर्नाटक के बहुचर्चित दो हजार करोड़ रुपये के साइबर फ्रॉड मामले में श्रीगंगानगर पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस बार गिरफ्तारी एक ऐसे शख्स की हुई है, जिसके बैंक खाते से लगभग ₹99.65 करोड़ के संदिग्ध डिजिटल ट्रांजैक्शन सामने आए हैं।
पुलिस के अनुसार, पकड़ा गया आरोपी कृष्ण शर्मा (36 वर्ष) मूल रूप से महाराष्ट्र के ठाणे जिले का निवासी है, लेकिन हाल ही में वह बीकानेर के खारडा गांव में रह रहा था। पुलिस ने उसे करणी ट्रेडिंग कंपनी से जुड़े खाते में हुए भारी-भरकम यूपीआई और एनईएफटी लेनदेन के आधार पर गिरफ्तार किया।
कैसे सामने आया मामला?
पूरा मामला जनवरी 2025 में श्रीगंगानगर के पुरानी आबादी थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया था, जहां कर्नाटक के विजयपुरा निवासी कांटेप्पा बाबू चव्हाण ने शिकायत दर्ज करवाई थी। पीड़ित का आरोप था कि कुछ लोगों ने ‘कैपमोर एफएक्स’ नामक एक निवेश फर्म के जरिए हजारों निवेशकों को झांसा देकर अरबों रुपये की ठगी की।
मुख्य आरोपी अजय आर्य व उसके सहयोगी पहले ही गिरफ्त में आ चुके हैं। उनके कब्जे से पुलिस ने बड़ी मात्रा में नकदी, डिजिटल उपकरण, दस्तावेज़, और एक 85 लाख रुपये की लग्जरी कार भी जब्त की थी। साथ ही आरोपी के पिता लाजपत आर्य और भाई दीपक आर्य को भी गिरफ्तार किया गया था।
जांच में खुलते गए तार
जांच आगे बढ़ी तो करणी ट्रेडिंग कंपनी के खाते से हुए लेनदेन ने पुलिस को चौंका दिया। लेन-देन की रकम और पैटर्न देखकर ये अंदेशा गहराया कि ये खाता साइबर ठगी की मनी लॉन्ड्रिंग के लिए इस्तेमाल किया गया।
विशेष टीम में शामिल पुलिस निरीक्षक सुभाषचंद्र, हवलदार गुलाब सिंह, और सिपाही प्रमोद व हरेंद्र की संयुक्त कार्रवाई में आरोपी को दबोच लिया गया। उसे कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है ताकि लेन-देन और नेटवर्क की गहराई से जांच की जा सके।
क्या है अगला कदम?
पुलिस अब इन ट्रांजैक्शनों की पृष्ठभूमि और अन्य खातों से कनेक्शन की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि ये गिरोह देशभर में फैले हो सकते हैं और अगली गिरफ्तारियां जल्द ही हो सकती हैं।







