Raipur News: रायपुर पुलिस ने म्यूल बैंक खातों की खरीद-फरोख्त और उनके जरिए अवैध लेन-देन करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में एक स्थायी वारंटी भी शामिल है, जो लंबे समय से फरार चल रहा था। पुलिस ने उनके कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 13 एटीएम कार्ड, 7 पासबुक, 8 सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, श्यामनगर निवासी पवन यादव ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उसने बताया कि उसकी किराना दुकान पर आने वाली पूजा सिंह ने अपने साथी सुनील यादव उर्फ सोनू के साथ मिलकर उसे भरोसे में लिया। आरोपियों ने कंपनी से पैसे आने का झांसा देकर उसका बैंक खाता नंबर और एटीएम कार्ड ले लिया।
पीड़ित के अनुसार, बाद में उसके खाते से करीब डेढ़ लाख रुपये का लेन-देन किया गया और रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। कुछ समय बाद बैंक से फोन आने पर उसे पता चला कि उसके खाते में संदिग्ध लेन-देन के चलते राशि होल्ड कर दी गई है।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उन्होंने खुलासा किया कि वे छत्तीसगढ़ समेत अन्य राज्यों के लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खाते और एटीएम कार्ड हासिल करते थे। इसके बाद इन खातों को पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बेच दिया जाता था, जहां से उनका इस्तेमाल अवैध ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी सुनील यादव उर्फ सोनू पहले भी आपराधिक मामलों में जेल जा चुका है। वह जीआरपी चरौदा क्षेत्र में मारपीट और लूट के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है और कुम्हारी थाने के एक लूट प्रकरण में स्थायी वारंटी होने के कारण लंबे समय से फरार था।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।







