गया के एसएसपी सुशील कुमार ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से ही हत्याकांड में शामिल लोगों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। मुठभेड़ के बाद मामले की जांच में और तेजी आने की उम्मीद है। पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में भी जुटी हुई है।
19 अक्टूबर को हुई थी गोलीबारी
यह मामला 19 अक्टूबर 2026 की देर रात हुई गोलीबारी से जुड़ा है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नौरंगा आहार के पास सिद्धार्थपुरी कॉलोनी में अपराधियों ने फायरिंग की थी। इस घटना में मोतिहारी में तैनात दारोगा सुधांशु शेखर उर्फ पिंटू सिंह के छोटे बेटे रानू सिंह (30) की गोली लगने से मौत हो गई थी। वहीं, उनके बड़े बेटे मोनू सिंह (32) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उनका पटना स्थित मेदांता अस्पताल में इलाज चल रहा है।
वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अभियान शुरू किया। बताया गया है कि प्राथमिकी दर्ज होने के 24 घंटे के भीतर ही दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया था। अब दो अन्य मुख्य आरोपितों के मुठभेड़ में घायल होने से जांच में नया घटनाक्रम जुड़ गया है।
गिरफ्तार आरोपितों से भी की जा रही पूछताछ
मामले में पहले गिरफ्तार किए गए लोगों में सेवानिवृत्त दारोगा नागेंद्र सिंह उर्फ नरेंद्र सिंह का नाम भी सामने आया था। बताया जा रहा है कि वह घायल आरोपित श्याम बिहारी के पिता हैं। हालांकि, हत्याकांड में उनकी कथित भूमिका और मामले से जुड़े अन्य आरोपों के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
पुलिस अब गोलीबारी के पीछे की वजह, वारदात में शामिल लोगों की भूमिका और संभावित साजिश की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।
मुफस्सिल थानाध्यक्ष देवराज इंद्र ने बताया कि मुठभेड़ में दो लोग घायल हुए हैं और उनका इलाज मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है। अन्य आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। जांच पूरी होने और पुलिस की विस्तृत जानकारी सामने आने के बाद ही हत्याकांड से जुड़े सभी पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।







