शहडोल। मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में कथित निवेश घोटाले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब दो महीने बाद एफआईआर दर्ज कर जांच तेज कर दी है। करोड़ों रुपये की निवेश ठगी से जुड़े इस मामले में पुलिस अधीक्षक ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं। मामला जीएनएस फाइनेंशियल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है, जिस पर निवेशकों से ऊंचे मुनाफे का झांसा देकर बड़ी रकम हड़पने का आरोप है।
पुलिस के मुताबिक, गोपालपुर करकटी निवासी मगनयन सिंह ने 19 मई को बुढ़ार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने आकर्षक रिटर्न का वादा कर लोगों से निवेश कराया, लेकिन बाद में निवेशकों की जानकारी और सहमति के बिना उनके डीमैट खातों में ट्रेडिंग की गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने कंपनी से जुड़े सुखनंदन यादव, मुकेश यादव, सरोज यादव, विजय पाल और मोहम्मद अनीम के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। जांच एजेंसियां अब वित्तीय लेन-देन, बैंक रिकॉर्ड, डीमैट खातों से जुड़े दस्तावेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने लंबित मामलों की समीक्षा के दौरान इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए विशेष टीम गठित की है। टीम को आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, साक्ष्य जुटाने और तकनीकी जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष और प्रभावी विवेचना सुनिश्चित की जा सके।
सूत्रों के अनुसार, संभागायुक्त के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया में तेजी आई है। वहीं, पीड़ित निवेशकों का आरोप है कि कंपनी के जिम्मेदार लोग लंबे समय से फरार हैं और कंपनी का कार्यालय भी बंद पड़ा है। ऐसे में अब निवेशकों की निगाहें पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि जांच आगे बढ़ने के साथ मामले की पूरी सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।







