नई दिल्ली- दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुई हिंसक झड़प के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय मोहम्मद इमरान के रूप में हुई है। इसके साथ ही इस मामले में अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि पुलिस 50 से अधिक संदिग्धों की पहचान कर चुकी है।
इससे पहले पुलिस ने एक ही दिन में छह अन्य आरोपियों को हिरासत में लिया था। गिरफ्तार किए गए लोगों में अफान, आदिल, शाहनवाज, हमजा, अतहर और उबैद शामिल हैं। इसके अलावा एक नाबालिग को भी पूछताछ के लिए संरक्षण में लिया गया है।
साजिश और उकसावे के एंगल की जांच
जांच के दौरान पुलिस को ऐसे संकेत मिले हैं कि हिंसा से पहले कुछ बैठकों के जरिए माहौल को भड़काया गया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि वह घटना से पहले इलाके में हुई एक बैठक में शामिल हुए थे। पुलिस जल्द ही उन्हें नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुला सकती है।
वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि हिंसा के दौरान सोशल मीडिया की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है। कुछ सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर और कई व्हाट्सएप ग्रुप पुलिस की निगरानी में हैं, जिनके जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए गए। पुलिस की साइबर टीम लगातार डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।
इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस ने रामलीला मैदान से तुर्कमान गेट की ओर जाने वाले रास्ते को फिलहाल बंद कर दिया है। मौके पर दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्द्धसैनिक बलों की कई टुकड़ियां तैनात की गई हैं। दंगा नियंत्रण वाहनों को भी संवेदनशील इलाकों में खड़ा किया गया है।
जिले के वरिष्ठ अधिकारी खुद मौके पर डटे हुए हैं। पुलिस उपायुक्त निधिन वल्सन और संयुक्त पुलिस उपायुक्त मधुर वर्मा लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमित समीक्षा बैठकें की जा रही हैं।
कैसे भड़की थी हिंसा
मंगलवार को तुर्कमान गेट स्थित दरगाह फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी। इसी दौरान कुछ शरारती तत्वों ने यह अफवाह फैला दी कि मस्जिद को तोड़ा जा रहा है। इस झूठी सूचना के बाद बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और हालात बेकाबू हो गए।
करीब 150 से 200 उपद्रवियों ने देर रात पुलिस पर पथराव किया, जिसमें थाना प्रभारी समेत पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। हालात काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। कड़ी मशक्कत के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया जा सका।
जांच जारी, और गिरफ्तारियों के संकेत
दिल्ली पुलिस का कहना है कि यह मामला सिर्फ हिंसा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे फैलाई गई अफवाहों और संगठित उकसावे की भी गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।







