सोनीपत (हरियाणा)- साइबर थाना पुलिस ने एक बड़े ऑनलाइन ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड प्वाइंट्स भुनाने के बहाने लोगों से ठगी करने वाले पांच शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान धर्मेंद्र, अभय, आर्यन, दिव्यांशु और वेद प्रकाश उर्फ कालू के रूप में हुई है। यह गिरोह उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के वैशाली इलाके से फर्जी कॉल सेंटर संचालित कर रहा था।
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा के पानीपत से गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से नकदी, मोबाइल फोन, सिम कार्ड, लैपटॉप और कॉलिंग से जुड़ा रिकॉर्ड बरामद किया गया है।
एसीपी राजदीप मोर ने बताया कि 5 दिसंबर 2025 को नरेंद्र नगर निवासी राहुल सैनी ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित के अनुसार, मोनिका नाम की एक युवती ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड प्वाइंट्स कैश कराने का झांसा दिया। इसके बाद व्हाट्सएप पर भेजे गए एक लिंक के जरिए ठगों ने उनके मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया और कुछ ही मिनटों में अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। शुरुआती शिकायत में 1.83 लाख रुपये की ठगी बताई गई थी, जिसे बाद में संशोधित कर 1.27 लाख रुपये बताया गया।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी वैशाली में बैठकर देश के विभिन्न राज्यों में लोगों को कॉल करते थे। व्हाट्सएप लिंक के जरिए वे पीड़ितों के मोबाइल, बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड तक पहुंच बना लेते थे और खातों से पैसे निकाल लेते थे। गिरोह का सरगना धर्मेंद्र बताया गया है।
पुलिस के अनुसार, आर्यन पानीपत का निवासी है, जबकि अभय मूल रूप से कासगंज का रहने वाला है और दिल्ली में रह रहा था। दिव्यांशु यूपी के सिकंदराबाद का निवासी है, वहीं वेद प्रकाश उर्फ कालू मध्य प्रदेश के भिंड का रहने वाला है और दिल्ली के मंडोली इलाके में रह रहा था।
आरोपियों के कब्जे से 14,200 रुपये नकद, 16 मोबाइल फोन, 6 सिम कार्ड, एक लैपटॉप और दो रजिस्टर बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गिरोह पिछले डेढ़ साल से सक्रिय था और सैकड़ों लोगों से करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी कर चुका है।
थाना साइबर के प्रभारी निरीक्षक बसंत कुमार के नेतृत्व में गठित टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क को ट्रैक कर आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस का कहना है कि ठगी की बाकी रकम की बरामदगी और अन्य पीड़ितों की पहचान के लिए जांच जारी है।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अज्ञात कॉल, लिंक या मैसेज पर भरोसा न करें। क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड, निवेश या कैशबैक जैसे ऑफर्स की पुष्टि केवल आधिकारिक माध्यमों से करें और किसी भी स्थिति में अपनी बैंक या निजी जानकारी साझा न करें।







