गोरखपुर। महराजगंज जिले की रहने वाली युवती को अगवा कर स्टेशन पर सामूहिक दुष्कर्म करने के तीन आरोपितों को अपर सत्र न्यायाधीश/फास्ट ट्रैक कोर्ट मनोज कुमार ने 30 वर्ष कठोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपित गोरखपुर, देवरिया व बिहार के बेगूसराय जिले के रहने वाले हैं। सभी को 50-50 हजार रुपये अर्थदंड भी देना होगा। अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का कारावास अलग से भुगतना पड़ेगा। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश चंद पांडेय एवं सिद्धार्थ सिंह का कहना था कि घटना सात सितंबर, 2022 की रात 10-11 बजे की है। पीड़िता सात-आठ दिन से गोरखपुर में रह रही थी।
इसी दौरान स्टेशन पर उसे एक व्यक्ति मिला जो बातचीत के बहाने धर्मशाला ओवरब्रिज के नीचे ले गया। वहां अभियुक्तों ने व्यक्ति को पीटकर भगाने के बाद पीड़ित युवती को अगवा कर सामूहिक दुष्कर्म किया। न्यायाधीश ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर देवरिया जिले के सलेमपुर के भठवा धर्मपुर वार्ड नंबर पांच निवासी अभियुक्त राजा अंसारी उर्फ इम्तियाज मोहम्मद अंसारी, शाहपुर थाना के कृष्णानगर प्राइवेट कॉलोनी निवासी अभियुक्त संतोष चौहान, बेगूसराय (बिहार) निवासी अंकित पासवान को उक्त दंड से दंडित किया। अंकित यहां धर्मशाला पुरानी फलमंडी के पास रहता था। रेलवे स्टेशन पर हुई घटना से सनसनी फैल गई थी।
आरोपितों को पकड़ने के लिए जीआरपी के साथ ही जिले की पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया गया था। सर्विलांस व सीसी कैमरा फुटेज की मदद से चार दिन के भीतर आरोपित पकड़ लिए गए। पूछताछ व जांच में पता चला कि सभी आरोपित स्टेशन व उसके आसपास के क्षेत्र में कबाड़ बीनते हैं। रेलवे स्टेशन की दुकान पर काम करने वाले व्यक्ति से पीड़ित की घटना से तीन दिन पहले मुलाकात हुई थी। सात सितंबर को उसके साथ नौकायन, गोलाघाट घूमने के बाद रात को 10 बजे रेलवे स्टेशन पहुंची थी। यहां प्लेटफार्म नंबर एक के पूर्वी छोर पर ट्यूबेल के पास दोनों बैठकर बातचीत कर रहे थे, तभी आरोपित पहुंचे। घटना के बाद खून से लथपथ युवती रेलवे लाइन किनारे पड़ी रही।
सुबह राहगीरों के सूचना देने पर जीआरपी ने बीआरडी मेडिकल कालेज पहुंचाया। युवती के होश में आने पर पता चला कि वह महराजगंज जिले की रहने वाली है। नेपाल में उसकी शादी हुई है। पति से विवाद के चलते मायके में रह रही थी। पिता से कहासुनी होने पर नाराज होकर वह गोरखपुर चली आयी थी।







