नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की विजिलेंस इकाई ने 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी शंकर चौधरी के खिलाफ गंभीर आरोपों में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बिना वैधानिक अनुमति छापेमारी करवाई, एक विदेशी नागरिक को गैरकानूनी रूप से हिरासत में रखा और संपत्ति से जुड़े मामलों में अनियमितता की।
यह मामला बाराखंभा रोड स्थित विजिलेंस थाने में दर्ज किया गया है, जहां आईपीसी की कई धाराओं के तहत केस संख्या 02/2026 पंजीकृत की गई है। प्राथमिकी गृह मंत्रालय के निर्देश पर की गई जांच के बाद दर्ज की गई।
सूत्रों के अनुसार, आरोपित आईपीएस अधिकारी पर नवंबर 2023 के दौरान अपने कार्यकाल में नियमों की अनदेखी करने का आरोप है। जांच में सामने आया कि कथित तौर पर उन्होंने 21 से 30 नवंबर के बीच अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर कार्रवाई की और कानून प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
विजिलेंस जांच में प्रथम दृष्टया इन आरोपों को गंभीर माना गया, जिसके बाद आईपीसी की धारा 166 (सरकारी आदेश की अवहेलना), 341, 342 और 409 के तहत मामला दर्ज किया गया।
गृह मंत्रालय द्वारा मामले की विस्तृत जांच के निर्देश पहले ही दिए जा चुके थे। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कार्रवाई को प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।







