मोगा। साइबर ठगों ने खुद को कस्टम विभाग का अधिकारी बताकर मोगा के एक बुजुर्ग से लाखों रुपये की ठगी कर ली। ठगों ने कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर 70 वर्षीय रिटायर्ड बैंक क्लर्क से करीब 42.25 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करवा लिए। मामले का खुलासा होने के बाद पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित दर्शन सिंह ने पुलिस को बताया कि अगस्त 2024 में उन्हें व्हाट्सएप पर एक कॉल आई। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट के कस्टम विभाग का अधिकारी बताया और कहा कि उनके नाम से आया एक पार्सल पकड़ा गया है, जिसमें ड्रग्स, पासपोर्ट और अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज मिले हैं। ठगों ने उन्हें गंभीर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी और मामला रफादफा करने के बदले पैसे मांगे।
परिवार के सभी सदस्य विदेश में होने के कारण दर्शन सिंह मानसिक दबाव में आ गए। डर के चलते उन्होंने अगस्त 2024 से दिसंबर 2024 के बीच 17 अलग-अलग बैंक खातों में किस्तों में कुल 42 लाख 25 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। दिसंबर में जब उन्होंने आखिरी बार एक लाख रुपये देने के बाद अपनी रकम वापस मांगी, तो ठगों ने उन्हें 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करने की सलाह दे दी।
1930 पर कॉल करने के बाद उन्हें ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद दर्शन सिंह ने 11 मार्च 2025 को मोगा के एसएसपी को लिखित शिकायत सौंपी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर जसविंदर सिंह ने बताया कि मामले में तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर खातों और कॉल डिटेल्स की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, पीड़ित ने प्रशासन से अपील की है कि उसकी जीवन भर की जमा पूंजी वापस दिलाने में मदद की जाए, क्योंकि ठगी के बाद वह आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुका है।







