बरेली। सेवानिवृत्त बैंक प्रबंधक टुनटुन बाबू रस्तोगी के खाते से साइबर ठगों ने लाखों रुपये उड़ाने का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर उन्हें फंसाया और ओटीपी जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल कर लाखों रुपये निकाल लिए। शिकायत के बाद भी बैंक प्रबंधन ने मदद नहीं की, जिसके चलते रस्तोगी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह तक पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई।
रस्तोगी ने प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि मार्च में साइबर ठगों ने उन्हें कॉल कर झांसा दिया और उनके आरडी व एफडी से ₹2,36,700 निकाल लिए। ठगों ने कुछ रकम रामकुमारी काजल और फेसबुक इंडिया ऑफलाइन सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के खाते में ट्रांसफर कर दी। उन्होंने पहली बार में ₹16,000 उनके खाते में लौटाकर भरोसा जीता, लेकिन बाद में और रकम मांगने लगे, तब रस्तोगी को ठगी का अहसास हुआ।
रस्तोगी का कहना है कि बैंक प्रबंधन ने आधी रात को हुए असामान्य लेनदेन को रोकने में कोई मदद नहीं की और आर्थिक लेनदेन की सारी जिम्मेदारी उन पर डाल दी। उन्होंने पत्र में कहा कि वह खुद बैंकिंग व्यवस्था का हिस्सा रहे हैं, फिर भी न्याय नहीं मिल पा रहा।
प्रेमनगर थाने के इंस्पेक्टर क्राइम प्रमोद कुमार ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर साइबर ठगों का पता लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।







