बद्दी- हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नशीली दवाओं के निर्माण और सप्लाई के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक दवा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि फूड लाइसेंस की आड़ में कंपनी में अवैध रूप से नशीली और अन्य दवाओं का निर्माण किया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार, 8 मई को पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने बद्दी स्थित सालासर कॉम्प्लेक्स में छापेमारी की थी। इस दौरान करीब 2 लाख 23 हजार से अधिक नशीली गोलियां बरामद की गई थीं। मामले में पहले उत्तर प्रदेश के शिव पूजन प्रजापति और कानपुर निवासी अनुराग शुक्ला को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि नशीली दवाओं का निर्माण एक ऐसी कंपनी में किया जा रहा था, जिसके पास केवल फूड प्रोडक्ट बनाने का लाइसेंस था। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए बद्दी स्थित एश केमिकल कंपनी के मालिक अंकित को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में सामने आया कि कंपनी को चॉकलेट और अन्य खाद्य उत्पाद बनाने की अनुमति मिली हुई थी, लेकिन वहां अवैध रूप से नशीली दवाओं समेत कई अन्य दवाओं का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी अंकित को अदालत में पेश किया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।
एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस नेटवर्क से और कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। वहीं, पहले गिरफ्तार दोनों आरोपियों को अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
उधर, ड्रग विभाग भी मामले की अलग से जांच कर रहा है। अधिकारियों के मुताबिक जिन कंपनियों में ये दवाएं बनाई जा रही थीं, उनके पास ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत आवश्यक लाइसेंस नहीं थे। विभाग अब संबंधित कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।







