दिल्ली। हिरणकूदना की एक क्लीनिक में भ्रूण लिंग जांच करने का मामला सामने आया है। क्लीनिक संचालक मोटी रकम लेकर गर्भ में पल रहे भ्रूण के लड़का या लड़की होने की जानकारी देता था। इसका पता चलने पर सोनीपत और पश्चिमी दिल्ली की पीएनडीटी की संयुक्त टीम ने क्लीनिक पर छापा मारकर क्लीनिक संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं टीम ने क्लीनिक संचालक की जानकारी पर दो अस्पतालों में छापा मारकर अल्ट्रासाउंड की मशीनों को सील कर दिया है। टीम ने चिकित्सक और दोनों सेंटर संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।
सोनीपत के सिविल सर्जन डॉ. कृष्ण कुमार ने बताया कि पीएनडीटी टीम को दिल्ली में विनय क्लीनिक में भ्रूण लिंग जांच करने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने एक डिकॉय को तैयार कर विनय क्लीनिक के संचालक हिरणकूदना निवासी शेरपाल सिंह के बीच भ्रूण लिंग जांच करवाने के लिए 50 हजार रुपये में सौदा तय करवाया।
9 अक्तूबर को क्लीनिक संचालक ने डिकॉय से 5 हजार रुपये लेकर अगले दिन क्लीनिक पर बुलाया। शेरपाल सिंह ने अगले दिन बाकी के 45 हजार रुपये लेकर डिकॉय को मुंडका के सीडी ग्लोबल अस्पताल भेज दिया। वहां पर उसे 2500 रुपये की रसीद काटकर रेफरल स्लिप दे दी गई। दोपहर बाद 3 बजे अल्ट्रासाउंड करने का समय दिया गया, मगर डिकॉय ने नहीं माना।
इस पर उसे सुप्रीम डायग्नोस्टिक सेंटर भेजा दिया गया। वहां पर उसका अल्ट्रासाउंड किया गया। इसके बाद डिकाॅय वापस हिरणकूदना में क्लीनिक संचालक के पास आ गई। क्लीनिक संचालक शेरपाल सिंह ने उन्हें बताया कि उनके गर्भ में लड़का पल रहा है। डिकॉय के इशारे पर पहुंची टीम ने शेरपाल सिंह को पकड़ लिया और मौके से 50 हजार रुपये भी बरामद कर लिए।
इसके बाद टीम मुंडका के सीडी ग्लोबल अस्पताल व सुप्रीम डायग्नोस्टिक सेंटर जाकर कागजातों की जांच की। कमी मिलने पर दोनों सेंटर की अल्ट्रसाउंड मशीनों को सील कर दिया गया। इसके साथ ही टीम ने क्लीनिक संचालक व दाेनों सेंटर संचालकों के खिलाफ मुंडका थाने में शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराया।







