पूरा मामला गाजियाबाद के नगर कोतवाली क्षेत्र के कैला भट्टा का है। शालीमार गार्डन इलाके में रहने वाली 7 वर्षीय बच्ची अपने मामा के यहां केला भट्टा आई हुई थी। रात करीब 12 बजे बच्ची के मामा जब घर पर लौटे तो बच्ची घर पर नहीं थी। पूरे घर में ढूंढा, कुछ पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि बच्ची को अपनी चप्पलों से बहुत प्यार था। वह चप्पल पहने बिना एक कदम आगे भी नहीं चलती थी। इसलिए आशंका थी कि जहां पर बच्ची की चप्पल मिलेगी, वहीं पर उसके साथ कुछ गलत भी हुआ होगा। रात करीब 3 बजे पुलिस ने आस-पास के घरों में सर्च ऑपरेशन शुरू कराया, तो बच्ची की चप्पलें इमरान के घर में ऊपर वाले कमरे में मिल गईं। इसके बाद इमरान को पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह पड़ोस में ही रहता है। इमरान के मुताबिक, बच्ची से गंदी हरकत के बाद वो ये बात परिजनों को बताने के लिए कह रही थी। इससे मैं डर गया।
पकड़े जाने के डर से मैंने बच्ची के मुंह पर हाथ रख दिया। इससे बच्ची का दम घुट गया और वो मर गई। वारदात के बाद मैं लाश को उसके मामा के घर में छत के रास्ते डाल आया, जिससे किसी को कोई शक न हो। डीसीपी निपुण अग्रवाल ने बताया कि देर रात सूचना मिली कि 7 वर्षीय बच्ची नहीं मिल रही है। थोड़ा ढूंढने के बाद बच्ची अपने ननिहाल की छत पर बेहोश अवस्था में मिली। जब उसे एमएमजी अस्पताल लेकर गये तो डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस की छानबीन के दौरान 5 संदिग्धों से पूछताछ में सामने आया कि चचेरे मामा ने बच्ची को कुछ खिलाने-पिलाने के बहाने बगल वाले घर में बुलाकर अश्लील हरकत की थी। जिस पर बच्ची ने शोर मचाया तो उसका मुंह दबाकर हत्या कर दी गई।







