मुंबई। ठाणे पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने एक युवती को गाड़ी से कुचलने के मामले में महाराष्ट्र के एक शीर्ष नौकरशाह के बेटे को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ठाणे कासारवडावली पुलिस ने मुख्य आरोपी अश्वजीत गायकवाड़ और उसके दो दोस्तों रोमिल पाटिल और सागर शेल्के को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने जांच के लिए उनकी दो एसयूवी – एक स्कॉर्पियो और लैंड रोवर डिफेंडर भी जब्त कर ली हैं, जो कथित तौर पर अपराध में इस्तेमाल की गई थीं। ठाणे के पुलिस आयुक्त जय जीत सिंह ने इस मामले की जांच के लिए डीसीपी (वी) अमर सिंह जाधव की अध्यक्षता में एसआईटी गठन की घोषणा की। शिकायतकर्ता युवती प्रिया उमेंद्र सिंह ने अश्वजीत और अन्य पर उस पर जानलेवा हमले का आरोप लगाया था।
पुलिस आयुक्त ने कहा, एसआईटी मामले के सभी पहलुओं पर गौर कर रही है। गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और फोरेंसिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। अगर जांच के दौरान और तथ्यों का खुलासा होता है तो आरोपियों को फंसाने के लिए कानून की और धाराएं जोड़ी जाएंगी। 34 वर्षीय अश्वजीत महाराष्ट्र राज्य सडक़ विकास निगम (एमएसआरडीसी) के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अनिलकुमार गायकवाड़ का बेटा है। ब्यूटीशियन ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट पर पूरी घटना का खुलासा किया था, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, राज्य पुलिस और अन्य गणमान्य व्यक्तियों को टैग करते हुए अश्वजीत गायकवाड़, उसके दोस्तों रोमिल पाटिल, प्रसाद पाटिल और शेलकर का नाम लेकर कार्रवाई की मांग की थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब एक दिन पहले ही महाराष्ट्र कांग्रेस ने वरिष्ठ नौकरशाह के बेटे को गिरफ्तार करने में विफल रहने के लिए राज्य सरकार और पुलिस की आलोचना की थी, जिसने कथित तौर पर 11 दिसंबर को ठाणे में अपनी प्रेमिका को एसयूवी से कुचलने का प्रयास किया था। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंधे ने कहा कि हालांकि पीडि़ता की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन ठाणे पुलिस ने अभी तक मुख्य आरोपी और उसके दोस्तों को गिरफ्तार नहीं किया है, जिन्होंने उस पर जानलेवा हमला किया था।
लोंधे ने कहा, इसमें कुछ संदिग्ध है और यह संदेह पैदा करता हैज् ठाणे में एक लडक़ी को कार (एसयूवी) के नीचे कुचलने का प्रयास किया गया था। आरोपी अश्वजीत भारतीय जनता युवा मोर्चा के नेता और एमएसआरडीसी प्रमुख के बेटे हैं। उप मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडऩवीस, जिनके पास गृह विभाग है, पर तंज कसते हुए लोंधे ने कहा कि हालांकि वह एक कुशल और सक्षम नेता हैं, लेकिन अगर ठाणे जैसे शहर में ऐसी गंभीर घटना होती है, तो यह उनकी कार्यप्रणाली और दक्षता पर सवालिया निशान खड़ा करता है।







