हाथरस। जिला न्यायालय से तारीख कर आगरा लौट रहे एक सैन्य कर्मी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या किए जाने से इलाके में सनसनी फैल गई। सादाबाद क्षेत्र में कोल्ड स्टोर के पास कार और बाइक सवार बदमाशों ने सेना के जवान अखिलेश (28) पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। वारदात के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई, जबकि पुलिस ने पुरानी रंजिश को हत्या का कारण मानते हुए जांच शुरू कर दी है।
मृतक अखिलेश मूल रूप से सादाबाद के गांव समदपुर के निवासी थे। उनके पिता देवेंद्र सिंह भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। अखिलेश वर्ष 2018 में भारतीय सेना के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मेकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) विभाग में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे। पहले उनकी तैनाती चंडीगढ़ में रही, जबकि करीब दो वर्ष पहले उनका स्थानांतरण आगरा हुआ था, जहां वह चालक के पद पर कार्यरत थे।
आगरा कैंट क्षेत्र में वह अपनी पत्नी निधि और तीन वर्षीय बेटे के साथ रहते थे। पुलिस के अनुसार गांव के कुछ लोगों से उनका पुराना विवाद चल रहा था, जिसे लेकर मुकदमेबाजी भी जारी थी। इसी मामले में तारीख के सिलसिले में वह बुधवार को अपनी सफेद हुंडई ऑरा कार से हाथरस जिला न्यायालय पहुंचे थे।
तारीख के बाद आगरा लौटते समय बढ़ार चौराहा पार करते ही मुन्नी देवी कोल्ड स्टोर के सामने कार और बाइक सवार हमलावरों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। आरोप है कि हमलावरों ने डंडों से हमला कर कार के शीशे तोड़ दिए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस दौरान अखिलेश की हमलावरों से हाथापाई भी हुई। जान बचाने के प्रयास में वह कच्चे रास्ते से ईंट-भट्ठे की ओर भागे, लेकिन कुछ ही दूरी पर बदमाशों ने उन्हें पकड़ लिया और कई राउंड फायरिंग कर दी।
गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अखिलेश को पुलिस तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सादाबाद ले गई, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से क्षेत्र में तनाव का माहौल है।
पुलिस अधीक्षक चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुराने विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है, लेकिन सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पांच विशेष टीमें गठित की गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।







