एटा। थाना सकीट के मोहल्ला खरा निवासी युवक को आगरा में प्रेमिका के पति ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद शव को दफना भी दिया। लगभग एक माह बाद जब राज खुला तो शरीर कंकाल हो चुका था। रोते हुए परिजन का कहना था कि चेहरा तक देखना नसीब नहीं हुआ। पुलिस द्वारा दिखाए गए कपड़ों से पहचान की है। मोहल्ला खरा निवासी दिलीप कुमार ने 2020 में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। जिसमें वह फेल हो गया था। घरेलू समस्याओं के कारण आगे नहीं पढ़ पाया। सकीट में एक फोटोग्राफी की दुकान पर काम करने लगा। मोहल्ले की ही एक युवती से उसके प्रेम संबंध कई साल से चल रहे थे, लेकिन युवती के परिजन ने उसकी शादी आगरा में कर दी।
मृतक के तहेरे भाई योगेश ने बताया कि दिलीप को आगरा बुलाने के लिए खेमा से पति गोविंदा ने फोन कराया। दिलीप ने रुपये न होने की बात कही तो गोविंदा ने 4 जून को 400 रुपये उसके खाते में डलवाए थे। इस पर दिलीप खेमा से मिलने आगरा चला गया। जहां उसकी हत्या कर दी गई। रविवार रात को सकीट थाने की पुलिस आगरा आई। युवती को हिरासत में ले लिया। उसके पति गोविंदा को पकड़ा। वह ई-रिक्शा चालक है। पहले तो उसने कुछ नहीं बताया। बाद में सख्ती करने पर सच उगल दिया। गोविंदा ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी को दिलीप परेशान कर रहा था। आए दिन फोन करता था। समझाने पर भी नहीं मान रहा था। धमकी भी देने लगा।
थाना ताजगंज के प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि एटा पुलिस घटनास्थल पर आरोपी गोविंदा के साथ पहुंची। पहले सिर का कंकाल बरामद किया। वहीं धड़ के कुछ अवशेष मिले। इसके अलावा जूते, शर्ट और बेल्ट भी बरामद की। खुदाई भी कराई गई, जिससे शरीर के बाकी अवशेष मिल जाएं। मगर, कुछ नहीं मिला। थाना सकीट पुलिस आरोपियों को अपने साथ ले गई। कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। घटनास्थल पर फोरेंसिक एक्सपर्ट और खोजी कुत्ते को बुलाकर भी साक्ष्य संकलन किया गया। उधर, थाना सकीट के प्रभारी का कहना है कि आशिकी में प्रेमिका के पति ने हत्या की है। प्रेमिका, उसके पति सहित चार को हिरासत में लिया गया है।
दिलीप चार भाइयों में तीसरे नंबर के थे। वह मजदूरी करते थे। वह अक्सर काम के लिए एटा से बाहर भी जाया करते थे। इस कारण पहले यही लगा कि काम से गया होगा। मगर, लगातार मोबाइल बंद होने पर शक हुआ। मृतक के भाई नीलेश ने आशंका जाहिर की कि दिलीप के आरोपियों ने आरी से कई टुकड़े किए थे। इस वजह से ही उसके कंकाल के कुछ अवशेष ही मिले हैं।







