मध्य प्रदेश। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पत्थरबाजी के कारण बदनाम हो रहा है। प्रदेश के रतलाम से थांदला के बीच 69 किमी में से 30 किमी का हिस्सा पूरी तरह असुरक्षित है। यहां वाहनों पर कभी भी पथराव हो जाता है। रात के समय यह खतरा बढ़ जाता है। हालात ये है कि आम आदमी ही नहीं नेता-विधायक और अफसरों की गाड़ियों तक पर पथराव हो चुका है। इसका सीधा असर ट्रैफिक पर पड़ा है। दोपहर के मुकाबले रात में सिर्फ 15% गाड़ियां ही निकल रही हैं।
नेशनल हाइवे अर्थोरिटी ऑफ इंडिया के अधिकारियों ने जून में एसआईएसएफ (राज्य औद्योगिक सुरक्षा बल) की तैनाती की स्वीकृति का प्रस्ताव मंत्रालय को भेजा था, पर अभी तक इस पर निर्णय नहीं हुआ है। पुलिस को भी चौकी बनाने का प्रस्ताव दिया था, उस पर भी अमल नहीं हो सका है। एक्सप्रेस-वे मध्य प्रदेश में 244 किमी तक गुजरा है। अभी 210 किमी में ट्रैफिक है। बड़े क्षेत्र में पेट्रोल पम्प भी नहीं हैं। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग पॉइंट भी नहीं हैं। जबकि टोल से 24 घंटे में 400 से 500 गाड़ियां पास हो जाती हैं।







