उत्तर प्रदेश। बरेली के इज्जतनगर थाना क्षेत्र में सौ फुटा रोड की एक कॉलोनी में सोमवार रात किराये के कमरे में सो रहे भाई-बहन पर तेजाब फेंक दिया गया। घटना के बाद दंत चिकित्सक पिता व परिजन शहर आए और दोनों को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार ने अज्ञात में रिपोर्ट कराई है। पुलिस तीन संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। सर्विलांस से साक्ष्य जुटाकर पकड़े गए तीन लड़कों में से देर रात एक की पहचान हो गई। आरोपी की उम्र महज 17 साल है। वह स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र है। पुलिस आरोपियों की तलाश कैसे करती है, अपने फोन से वह यही जानने का प्रयास कर रहा था। गूगल के सर्च इंजन से उसकी पोल खुल गई।
इज्जतनगर में एसिड अटैक की घटना के बाद पुलिस व एसओजी ने अस्पताल जाकर पीड़ित भाई-बहन से बात करने का प्रयास किया। उनके परिजनों, मकान मालिक व दूसरे किरायेदारों से बात की। नंबरों की सीडीआर निकालकर पुलिस ने कर्मचारी नगर निवासी एक लड़के और उसके फरीदपुर निवासी चचेरे भाई को पकड़ा। दोनों से कुछ सुराग मिला तो छात्रा की ही कॉलोनी के 17 साल से लड़के को पकड़ा गया। तीनों खुद को बेगुनाह बता रहे थे। मोबाइल फोन चेक करने पर नाबालिग लड़का ही आरोपी साबित हुआ। उसने बताया कि रात में वह काले कपड़े पहनकर छज्जे के सहारे छत पर चढ़ा और छात्रा पर एसिड फेंककर फरार हो गया। उसे नहीं पता था कि छात्रा का भाई भी उसी के बेड पर था। यह बात उसे बाद में पता लगी।







