उत्तर प्रदेश। कलेजे को चीर देने वाला मामला सामने आया है। एक युवक ने प्रेम संबंध में बाधा बनने पर अपनी प्रेमिका के दो बच्चों को बेरहमी से मार डाला। हत्या करने के बाद दोनों बच्चों के शवों को बागपत में फेंककर फरार हो गया। अब पुलिस ने इस मामले में सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। हत्यारोपी ने पहले दोनों बच्चों का सोनीपत से अपहरण किया और फिर बागपत में लाकर दोनों की गला घोंटकर हत्या कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर उसे पकड़कर पूछताछ की तो उसने घटना का खुलासा करते हुए बागपत के नौरोजपुर में ईंख के खेत से दोनों बच्चों के शव बरामद कराए। सोनीपत के आदर्श नगर की रहने वाली महिला रूबी ने 22 फरवरी को थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया था कि 21 फरवरी को उसके बेटे वंश (10) और यश (7) लापता हो गए।
वह दोनों बेटों को मशद मोहल्ला स्थित स्कूल में छोड़कर फैक्टरी में चली गई थी और उसके बाद बच्चे घर नहीं आए। उसने शक जताया था कि उनके बच्चों का किसी ने अपहरण कर लिया है। एएसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सोनीपत पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज करके छानबीन शुरू कर दी। जिसको स्कूल के पास लगे सीसीटीवी कैमरे से पता चला कि एक युवक छुट्टी के बाद ही दोनों बच्चों को स्कूल के बाहर से बाइक पर बैठाकर ले गया है। पुलिस को उस युवक के बारे में छानबीन करने पर पता चला कि वह मूलरूप से बागपत के बरनावा का रहने वाला नितिन है और पिछले काफी साल से सोनीपत के कबीरपुर में रहता है। पुलिस ने उसे पकड़ कर पूछताछ की तो उसने बताया कि रूबी का पति से तलाक हो चुका है और उससे उसके प्रेम संबंध हैं। वह उसके घर जाता था तो उसके वहां जाने में बच्चे बाधक बनते थे।
इस कारण ही उसने बच्चों को स्कूल से बाहर से बाइक पर बैठाकर बागपत में गला घोंटकर हत्या कर दी। सोनीपत पुलिस उसे शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे साथ लेकर बागपत में पहुंची और कोतवाली पुलिस के साथ आरोपी की निशानदेही पर नौरोजपुर गांव में गई। जहां अतले के ईंख के खेत में दोनों बच्चों के शव एक पेड़ के किनारे बैठाए हुए थे। उनमें एक की तार तो दूसरे की रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने शव को बरामद कर लिया। एएसपी ने बताया कि बच्चों के अपहरण का मुकदमा सोनीपत में दर्ज है और वहां की पुलिस ही मामले की जांच कर रही है। सोनीपत के आदर्श नगर के जिन दो बच्चों वंश और यश की हत्या की गई। उनको अदालत ने चार साल पहले मां रूबी के पास रहने का आदेश दिया था। क्योंकि उस समय दोनों छोटे थे और रूबी का पति राहुल से तलाक होने के बाद उनको किसी एक के पास रहना था।
मूलरूप से मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना के कुरावा गांव के रहने वाले राहुल ने बताया कि उसका परिवार करीब बीस साल पहले सोनीपत के आदर्श नगर में जाकर रहने लगा था। राहुल की 12 साल पहले रूबी के साथ शादी हुई थी। राहुल व रूबी के शादी के बाद दो बच्चे वंश व यश हुए। मगर बच्चों की जिंदगी तब बिगड़नी शुरू हो गई, जब राहुल व रूबी में सात साल पहले मनमुटाव हो गया रूबी बच्चों को लेकर अलग रहने लगी और उनके बीच विवाद इतना बढ़ गया कि चार साल पहले दोनों ने तलाक ले लिया। तब अदालत ने बच्चों के छोटा होने के कारण कुछ साल तक रूबी के पास रहने के आदेश दिए। उसके बाद राहुल की बच्चों से कभी-कभी मुलाकात होती थी।







