पंजाब। अमृतसर जिले के गांव रामगढ़ में कांग्रेस सरपंच ने अपने बेटे और साथियों के साथ मिलकर गुंडागर्दी की। सरपंच अपने साथियों समेत दो भाइयों को घेरा और गोली मार दी। गोली लगने से एक भाई की मौत हो गई है और दूसरा घायल है। पुलिस ने सरपंच समेत एक दर्जन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस घटना के पीछे की वजह जमीन विवाद को बता रही है। वहीं मृतक के रिश्तेदारों का कहना है कि सरपंच और उसका परिवार नशे का धंधा करता है। विरोध के चलते इस हत्याकांड को अंजाम दिया गया है।
जानकारी के अनुसार शमशेर सिंह निवासी गांव रनगढ़ ने पुलिस को बताया है कि वह मेहनत मजदूरी करता है। उनके पिता विक्रमजीत सिंह गांव के भरोसेमंद व्यक्ति हैं। आने वाले पंचायत चुनाव में सरपंची का चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। यही वजह थी कि गांव के लोगों का कामकाज करवाने के लिए हमेशा तैयार रहते थे। गांव के कुलदीप सिंह का घर में काफी आना जाना था। उन्हीं के गांव के हरदीप सिंह और कुलदीप सिंह के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा है।
बुधवार की देर रात कुलदीप सिंह, हरजीत सिंह और गांव के अन्य लोग उनके घर आए थे। इस बीच गांव के सरपंच निरवैर सिंह के साथ मिलकर हरदीप सिंह और उसके साथियों ने जमकर उत्पात मचाया। गाली गलौज और शोर शराबा किया गया और धमकी दी कि कुलदीप सिंह की जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर लेंगे। गुरुवार की सुबह 8:30 बजे वह अपने पिता, कुलदीप सिंह और कुछ अन्य लोगों के साथ शिकायत करने हरदीप सिंह के घर की तरफ जा रहे थे। वहां पर पहले से ही कर्मजीत सिंह मौजूद था।
उन्हें देखते ही कर्मजीत सिंह ने फोन कर सरपंच को मौके पर बुला लिया। इसके बाद हरदीप सिंह ने भी गाली गलौच की। वह वापस अपने घर की तरफ चल पड़े। गली में दूसरे तरफ से सरपंच निरवैल सिंह अपने बेटे विशाल सिंह, जश्न सिंह, सुखवंत सिंह, गंजा, सतनाम सिंह, सिमरन सिंह, अमरबीर सिंह के साथ आया। सभी के पास हथियार थे। उन्हें देखते ही उन पर हमला कर दिया। फायरिंग भी की। इस दौरान उनके चाचा मनजीत सिंह लाडी की कमर में गोली लगी। वहीं पिता विक्रमजीत सिंह की टांग में गोली लगी। उन्होंने शोर मचा दिया। बचाव में घर की तरफ भागे। पीछाकर आरोपी घर तक आ पहुंचे। घर के अंदर खड़ी बोलेरो गाड़ी में तोड़फोड़ की। आरोपियों के साथ बाज सिंह और सुभाष सिंह भी मौजूद थे।







