वाराणसी। लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र में तांत्रिक अनीश उपाध्याय की हत्या के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि अनीश की हत्या किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि तीन सगे और तीन ममेरे भाइयों ने मिलकर साजिश रचकर की थी। आरोपियों को अनीश के चरित्र पर संदेह था। साथ ही, तंत्र-मंत्र के जरिए छोटे भाई की बीमारी ठीक करने के दावे के बाद उसकी तबीयत बिगड़ने से भी वे नाराज थे।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अनीश को परिवार के किसी सदस्य की तबीयत खराब होने की बात कहकर बुलाने की योजना बनाई थी। 30 जून को वह नहीं पहुंचा, जिसके बाद एक जुलाई को उसे बुलाया गया। आरोप है कि वहां पहले उसे शराब और खाना दिया गया। इसके बाद उसके सीने पर गैस सिलिंडर पटककर हमला किया गया। सिर पर लकड़ी से भी कई वार किए गए, जिससे उसकी मौत हो गई। वारदात के बाद शव को बोरी में रखकर बाइक से डाफी क्षेत्र में ले जाया गया और झाड़ियों में फेंक दिया गया।
इस मामले में पुलिस को उस समय अहम सुराग मिला, जब लंका क्षेत्र में एक अज्ञात शव बरामद हुआ। मृतक के हाथ पर बने टैटू की जानकारी लालपुर पांडेयपुर पुलिस से साझा की गई। टैटू पर पत्नी और मां के नाम दर्ज होने के कारण शव की पहचान अनीश उपाध्याय के रूप में हो सकी।
अनीश की पत्नी ने नौ जुलाई को लालपुर पांडेयपुर थाने में पति की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। उसने पुलिस को बताया था कि अनीश मंडुवाडीह क्षेत्र में किसी व्यक्ति के घर जाने की बात कहकर निकले थे। पुलिस ने बताए गए मोबाइल नंबर की जांच शुरू की, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद नंबर से पहले संपर्क में रहे लोगों की जानकारी जुटाई गई और पुलिस की जांच सोनू तक पहुंची।
सोनू मंडुवाडीह के कंदवा इलाके में किराये के मकान में रहता था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले वह मकान खाली कर चुका था। पूछताछ के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली और धीरे-धीरे हत्या की पूरी साजिश सामने आ गई।
पूछताछ में सामने आया कि मार्च में सोनू की मुलाकात अनीश से हुई थी। अनीश उसके घर तंत्र-मंत्र से जुड़े इलाज के लिए आया था। इसी दौरान सोनू को अपनी पत्नी के प्रति अनीश के व्यवहार पर आपत्ति हुई। बाद में सोनू के छोटे भाई विकास की तबीयत बिगड़ी तो अनीश ने इसे भूत-प्रेत का प्रभाव बताते हुए झाड़-फूंक की। इसके बाद विकास की हालत और खराब हो गई। परिवार उसे इलाज के लिए कानपुर ले गया, जहां उसकी तबीयत में सुधार हुआ। इसी बात को लेकर आरोपियों में अनीश के प्रति नाराजगी बढ़ गई।
पुलिस ने सोनू के साथ उसके सगे भाइयों विशाल, विकास और मोहित तथा ममेरे भाइयों साहिल गोंड और अभिषेक उर्फ रोहित को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने हत्या की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान म्यूजिक सिस्टम की आवाज तेज कर दी गई थी, ताकि हत्या के दौरान होने वाली आवाज बाहर न जा सके।
पुलिस ने सभी छह आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एडीसीपी लिपी नागयाच ने मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना की।
बताया गया कि अनीश करीब दस वर्षों तक घर से दूर रहा था और औघड़ों के साथ रहकर तंत्र-मंत्र की साधना करता था। बाद में वह घर लौटा और पूजा-पाठ व तंत्र-मंत्र से जुड़े काम करने लगा था।







