टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले में एक पोल्ट्री व्यवसायी के साथ दिनदहाड़े मारपीट और नकदी लूट का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद पुलिस ने अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की है। वहीं, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि मामले की जानकारी लेकर जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के अनुसार, बेदुआ हृदयनगर निवासी पोल्ट्री कारोबारी अभिषेक रजक सोमवार को मोहनगढ़ क्षेत्र में सप्लाई देने के बाद पिकअप वाहन से वापस लौट रहे थे। उनका आरोप है कि काटी गांव के पास एक बोलेरो वाहन ने उनकी गाड़ी का पीछा किया और बिजरावन गांव के समीप रास्ता रोक लिया।
पीड़ित के मुताबिक, बोलेरो में सवार लोगों ने उन्हें और उनके चालक के साथ मारपीट की। इस दौरान दोनों के मोबाइल फोन छीन लिए गए और वाहन की डिग्गी में रखे करीब ₹50 हजार लेकर आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद अभिषेक ने दिगौड़ा थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। उनका कहना है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद लौटते समय उन्हें वही बोलेरो फिर दिखाई दी। वाहन का पीछा करने पर उसकी पहचान मजना बमोरी गांव निवासी सूरज के नाम से हुई, जिसकी सूचना तत्काल मजना पुलिस चौकी और दिगौड़ा पुलिस को दी गई।
पीड़ित का दावा है कि सूचना मिलने पर मजना चौकी पुलिस ने बोलेरो सहित पांच लोगों को हिरासत में लेकर वाहन जब्त कर लिया। बाद में दिगौड़ा पुलिस आरोपियों और वाहन को अपने साथ ले गई। इसके बावजूद अब तक न तो मामला दर्ज किया गया और न ही आरोपियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई की गई। अभिषेक ने आरोप लगाया कि आरोपियों को रात में थाने से छोड़ दिया गया और उन पर समझौता करने का दबाव बनाया जा रहा है।
उधर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह कुशवाहा ने कहा कि उन्हें मामले की विस्तृत जानकारी नहीं है। उन्होंने संबंधित थाना प्रभारी से रिपोर्ट लेने और तथ्यों के आधार पर आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है। फिलहाल पुलिस की ओर से एफआईआर दर्ज होने या आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।







