गुरदासपुर- राजस्थान-जम्मू कश्मीर राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण मुआवजा घोटाले में बड़ा खुलासा हुआ है। तरनतारन पुलिस ने गुरदासपुर में तैनात पीसीएस अधिकारी और उपमंडल अधिकारी अनुप्रीत कौर रंधावा को उनके सरकारी आवास से गिरफ्तार किया है। पुलिस का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण मुआवजे की करोड़ों रुपये की राशि गलत तरीके से अपात्र लोगों के खातों में ट्रांसफर की गई थी।
जांच के अनुसार, वर्ष 2018-19 के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग-54 परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही थी। उसी दौरान करीब 1.63 करोड़ रुपये का मुआवजा ऐसे लोगों को जारी कर दिया गया, जिनकी जमीन परियोजना में अधिगृहित ही नहीं हुई थी। आरोप है कि यह भुगतान बिना उचित राजस्व रिकॉर्ड सत्यापन के किया गया।
मामले का खुलासा तब हुआ जब पट्टी के तत्कालीन एसडीएम नवराज सिंह बराड़ ने इस अनियमितता की शिकायत तत्कालीन उपायुक्त को भेजी। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि जिन पांच लोगों के खातों में रकम भेजी गई, उनका नाम न तो अधिग्रहण रिकॉर्ड में था और न ही केंद्र सरकार की अधिसूचना में शामिल था।
पुलिस जांच में जसबीर कौर, राजविंदर कौर, सरताज सिंह, बिक्रमजीत सिंह और गुरजीत कौर के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन लोगों के खातों में सरकारी मुआवजा राशि ट्रांसफर की गई। जांच एजेंसियों के मुताबिक संबंधित भुगतान तत्कालीन एसडीएम अनुप्रीत कौर रंधावा की मंजूरी और हस्ताक्षर के बाद जारी हुए थे।
मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपी थी, जिसके आधार पर अनुप्रीत कौर रंधावा को निलंबित भी किया गया था।
अब पुलिस आरोपी अधिकारी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग शामिल थे तथा सरकारी राशि किस प्रक्रिया के तहत जारी की गई। जांच एजेंसियां वित्तीय लेनदेन और विभागीय रिकॉर्ड की भी गहन जांच कर रही हैं।







