भिवाड़ी। राजस्थान के औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी में सुरक्षा एजेंसियों ने एक सुनियोजित अंतरराष्ट्रीय ड्रग नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए करोड़ों रुपये की नशीली सामग्री बरामद की है। संयुक्त कार्रवाई में गुजरात एटीएस, राजस्थान एसओजी और भिवाड़ी पुलिस ने कहरानी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक फैक्ट्री में छापा मारकर अवैध नशीले रसायनों के निर्माण का खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान भारी मात्रा में प्रतिबंधित केमिकल जब्त किए गए, जिनकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 32 करोड़ रुपये से अधिक आंकी जा रही है।
गुप्त फैक्ट्री से चल रहा था अवैध उत्पादन
जांच में सामने आया है कि ‘एपीएल फार्मकिम’ नाम से संचालित इस यूनिट में बिना किसी वैध लाइसेंस के नशीली दवाओं के लिए उपयोग होने वाले एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट्स (API) तैयार किए जा रहे थे। सुरक्षा एजेंसियों ने यहां से करीब 22 किलोग्राम प्रतिबंधित केमिकल बरामद किया है। फैक्ट्री को हाल ही में किराए पर लिया गया था और भीतर आधुनिक मशीनें छिपाकर उत्पादन किया जा रहा था, ताकि किसी को संदेह न हो।
तीन केमिकल इंजीनियर गिरफ्तार
छापेमारी के दौरान उत्तर प्रदेश निवासी तीन केमिकल इंजीनियर—कृष्णा, अंशुल शास्त्री और अखिलेश मौर्य—को मौके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार आरोपी तकनीकी रूप से दक्ष थे और अपनी विशेषज्ञता का इस्तेमाल अलप्राजोलम, टेमाजेपाम और पैराजेपाम जैसे प्रतिबंधित पदार्थों के निर्माण में कर रहे थे।
विदेशों तक पहुंचाने की थी साजिश
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यहां तैयार किए गए रसायनों को पहले गुजरात भेजा जाना था, जहां इन्हें टैबलेट का रूप देकर देश के विभिन्न राज्यों के अलावा अमेरिका और कनाडा तक सप्लाई करने की योजना थी। फैक्ट्री को पूरी तरह गुप्त लैब के रूप में विकसित किया गया था, जिससे यह नेटवर्क लंबे समय तक पुलिस की नजर से बचा रहा।
एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज, जांच तेज
कार्रवाई के बाद जिला औषधि नियंत्रक और फॉरेंसिक टीमों ने मौके से नमूने एकत्र किए हैं। भिवाड़ी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े मास्टरमाइंड और गुजरात में सक्रिय ड्रग तस्करों की तलाश में जुटी हैं।
इस कार्रवाई को सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है। प्रशासन ने भिवाड़ी औद्योगिक क्षेत्र में बंद पड़ी फैक्ट्रियों की निगरानी और सख्त करने के निर्देश जारी किए हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।







