नई दिल्ली- दक्षिण दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में एक दर्दनाक वारदात ने सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बुधवार देर रात एक कैब चालक की मोबाइल फोन लूटने के इरादे से चार लोगों ने बेरहमी से हत्या कर दी। पीड़ित युवक करीब आठ घंटे तक ठंड में सड़क किनारे पड़ा रहा, लेकिन किसी ने न तो पुलिस को सूचना दी और न ही मदद के लिए हाथ बढ़ाया।
पुलिस के अनुसार मरने वाला युवक, 28 वर्षीय रामसिंह मूल रूप से यूपी के अयोध्या का रहने वाला था और दिल्ली में अपनी निजी टैक्सी चलाकर गुजारा करता था। वह आर्थिक तंगी के कारण अक्सर रात को गाड़ी में ही सो जाता था। उसी रात करीब 11 बजे वह बारापुला फ्लाईओवर के पास शौच के लिए गया था, तभी चार लड़कों ने उसे घेर लिया और मोबाइल छीनने की कोशिश की। विरोध करने पर आरोपियों ने उस पर चाकुओं से कई वार कर दिए और उसका फोन व नकदी लूटकर फरार हो गए।
रामसिंह गंभीर रूप से घायल होकर रातभर खुले में पड़ा रहा, लेकिन किसी भी राहगीर ने उसकी सुध नहीं ली। गुरुवार सुबह किसी व्यक्ति ने खून पड़ा देखकर पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक रामसिंह की मौत हो चुकी थी।
घटना की जानकारी मिलते ही दक्षिण-पूर्व जिले की पुलिस टीम हरकत में आ गई। जांच में लगे अधिकारियों ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें चारों आरोपी नजर आए। उसी आधार पर पुलिस ने तीन नाबालिगों और एक बालिग आरोपी—इमरान—को पकड़ लिया। इमरान के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। जिला पुलिस उपायुक्त हेमंत तिवारी ने गिरफ्तारी की पुष्टि की और कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से कार्रवाई की गई है।
पुलिस का मानना है कि अगर समय पर किसी ने मदद की होती या जानकारी दी होती, तो शायद रामसिंह की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल हत्या, लूट और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।







