सोनीपत – सोनीपत जिले के खरखोदा क्षेत्र में हुए पिता-पुत्र हत्याकांड के मुख्य आरोपी और कुख्यात शूटर शुभम का रविवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ में अंत हो गया। यह कार्रवाई मानेसर–पलवल एक्सप्रेसवे के पास उस समय हुई, जब सोनीपत एंटी गैंगस्टर यूनिट सेक्टर-7 और सीआईए-1 की संयुक्त टीम ने उसके ठिकाने की सूचना पर घेराबंदी की।
24 अक्टूबर को गोपालपुर निवासी धर्मवीर और उनके बेटे मोहित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं, जिससे दोनों की मौके पर मौत हो गई थी। मामला पुराने विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है और तभी से पुलिस शुभम और उसके साथियों की तलाश में थी।
जांच के दौरान जैसे ही शुभम के छिपे होने की सूचना मिली, पुलिस टीम मौके पर पहुंची। खुद को घिरा देख शुभम ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और वह वहीं ढेर हो गया। मुठभेड़ के दौरान उसका एक साथी मौके से बाइक पर फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुँचे और आवश्यक जांच शुरू की गई। शुभम के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए खानपुर पीजीआई भेजा गया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शुभम कई गंभीर अपराधों में शामिल रहा है, जिनमें हत्या, गैंगवार और फायरिंग जैसी वारदातें शामिल थीं। लंबे समय से वह फरार चल रहा था।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले को विभिन्न पहलुओं से जांच रही है और फरार साथी की तलाश में छापेमारी जारी है।







