फगवाड़ा- फगवाड़ा के गऊशाला बाज़ार में शिवसेना नेता इंद्रजीत करवल और उनके बेटे जिम्मी करवल पर हुए हमले ने शहर का माहौल तनावपूर्ण कर दिया। घटना के बाद थाना सिटी पुलिस ने पाँच युवकों के खिलाफ हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
एसपी माधवी शर्मा ने बताया कि सूचना मिली थी कि कुछ युवकों ने गऊशाला बाज़ार में इंद्रजीत करवल और उनके बेटे को घेरकर उन पर गोलियां चला दीं। दोनों घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। इस हमले में तनिष उर्फ भिंदा, सुनील सल्होत्रा और तीन अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने कन्नौज नामक युवक को एक देसी पिस्तौल सहित गिरफ्तार भी किया है।
घटना के बाद विभिन्न हिंदू संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया था, जिसे डीआईजी जालंधर रेंज नवीन सिंगला द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देने पर समाप्त कर दिया गया। दुकानों ने भी सामान्य रूप से खुलना शुरू कर दिया। संगठनों का कहना है कि यदि शेष आरोपियों को जल्द नहीं पकड़ा गया, तो रविवार को हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में अगली रणनीति तय की जाएगी और जरूरत पड़ने पर हाईवे जाम भी किया जाएगा।
इधर, मामले में दूसरा पक्ष भी सामने आया है। उनका कहना है कि पुलिस ने धारा 307 लगाकर एकतरफा कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि झगड़े की शुरुआत जिम्मी करवल की ओर से हुई थी, जिसके बाद विवाद बढ़ा। विरोध कर रहे पक्ष ने मांग की है कि पुलिस निष्पक्षता से कार्रवाई करे और धारा 307 हटाई जाए।
दूसरी ओर, दलित समुदाय ने बैठक कर एसपी, एसएसपी और संबंधित अधिकारियों से कहा है कि किसी भी राजनीतिक या सामाजिक दबाव में आए बिना निष्पक्ष जांच की जाए। उनका आरोप है कि कुछ लोग जमानत पर रहते हुए शहर का माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं। समुदाय ने कहा कि वे किसी भी प्रकार की अनुचित पुलिस कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेंगे।







