जालंधर – जालंधर के नकोदर में हुए ड्रोन लूट मामले ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया, जब पूछताछ के लिए बुलाए गए युवक आशीष को पुलिस ने जालंधर प्रेस क्लब के बाहर हिरासत में लेने की कोशिश की। जैसे ही पुलिस उसे वाहन में बैठा रही थी, उसी दौरान उसके परिजन मौके पर पहुँच गए और उसे गाड़ी से नीचे उतार लिया। इसी बात पर वहां जमकर कहासुनी और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पुलिस अधिकारी हरमिंदर सिंह संधू ने बताया कि आशीष को गिरफ्तार नहीं किया गया है बल्कि एक संदिग्ध के रूप में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। ड्रोन लूट मामले में सामने आए कुछ महत्वपूर्ण बिंदुओं के बाद उसका नाम जांच दायरे में आया है। पुलिस का कहना है कि दो दिन पहले अमित नाम के युवक से ड्रोन छीने जाने की घटना के बाद लोकेशन और कॉल रिकॉर्ड की जांच में आशीष का जिक्र सामने आया था, जिसके चलते टीम प्रेस क्लब पहुँची।
दूसरी ओर, आशीष की मां किरण ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उनके बेटे को बेवजह फंसाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 28 अक्टूबर को बिट्टू नाम के व्यक्ति ने आशीष को कॉल कर ड्रोन मालिक से संपर्क कराने की बात कही थी। इस पर आशीष ने पवन नाम के एक व्यक्ति का संपर्क नंबर दिया था, लेकिन उसके बाद कोई बातचीत नहीं हुई। किरण ने बताया कि लगातार दबाव के कारण उनका बेटा पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से बहुत परेशान है और पुलिस की ओर से उसे जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश की गई।
परिवार का कहना है कि आशीष का ड्रोन लूट की घटना से कोई संबंध नहीं है और पुलिस जल्दबाज़ी में उन पर दबाव बना रही है। फिलहाल पुलिस आशीष समेत अन्य संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और मामले की पड़ताल जारी है।







