दिल्ली। नजफगढ़ इलाके के गोदाम कर्मचारी की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपित को द्वारका जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। आरोपित ने पुलिस टीम पर तीन राउंड फायरिंग की, गनीमत रही कि किसी पुलिस कर्मी को गोली नहीं लगी। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी व पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपित की पहचान नजफगढ़ थाने के हिस्ट्रीशीटर जने आलम के रूप में हुई है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। 29 अक्टूबर को नजफगढ़ थाना इलाके के नंगली सकरावती इलाके के गोदाम में युवक चोरी की मंशा से घुसा था। चोरी के लिए घुसने के संदेह में गोदाम के कर्मचारियों ने उसे पकड़ लिया। कुछ देर बाद वहां पर कुछ लोग आए व आरोप लगाया कि पकड़े गए युवक को पीटा जा रहा है।
उल्टा उन्होंने गोदाम के कर्मचारियों से ही झगड़ा करना शुरू कर दिया। कर्मचारियों से मारपीट कर वह भाग गए। झगड़े में तीन लोगों को गंभीर चोट आई थी। उनमें से एक धर्मेंद्र की मौत हो गई थी। नजफगढ़ थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। पुलिस अधिकारी ने बताया कि गुप्त जानकारी के आधार पर मंगलवार दोपहर को पुलिस जने आलम को पकड़ने पहुंची तो आरोपित ने पुलिस पर तीन राउंड फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस कर्मियों ने भी चार राउंड फायरिंग की।पुलिस कर्मी की एक गोली जने आलम के पैर में लगी व उसे पकड़ लिया गया। अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है।पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।







