नई दिल्ली- दिल्ली के सीलमपुर इलाके में गुरुवार देर रात एक भीषण गैंगवार में हाशिम बाबा गिरोह से जुड़े 22 वर्षीय युवक मिस्बाह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने मिस्बाह पर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें करीब दो दर्जन गोलियां चलाई गईं। लगभग 15 गोलियां उसे लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
दो आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने इस हत्या के सिलसिले में गैंगस्टर प्रिंस काजी और अब्दुल्ला को गिरफ्तार किया है। एक आरोपी को स्पेशल सेल ने पकड़ा, जबकि दूसरे को स्थानीय पुलिस ने हिरासत में लिया। पुलिस का कहना है कि दोनों ही हसीब बाबा गिरोह से जुड़े हुए हैं और उन्होंने मिस्बाह की हत्या की साजिश रची थी।
गोलीबारी की घटना
डीसीपी (उत्तर-पूर्व) आशीष मिश्रा के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10:40 बजे सीलमपुर थाना पुलिस को जामा मस्जिद के पास गोली चलने की सूचना मिली। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो एक युवक खून से लथपथ कार के पास गिरा मिला। घायल को तत्काल जग प्रवेश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
फॉरेंसिक और क्राइम टीम ने घटनास्थल से कई खाली कारतूस और अन्य सबूत बरामद किए हैं।
जेल से छूटने के बाद टकराव
जांच में सामने आया कि मिस्बाह हाल ही में जुलाई माह में जेल से रिहा हुआ था। गुरुवार रात वह अपनी कार से के-ब्लॉक, सीलमपुर में कॉफी पीने आया था। इसी दौरान दो बाइक पर सवार बदमाशों ने अचानक उस पर फायरिंग शुरू कर दी। मिस्बाह ने कार के पीछे छिपने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने पास जाकर लगातार गोलियां बरसाईं।
गैंगवार की आशंका
पुलिस का मानना है कि यह वारदात दो गैंगों के बीच वर्चस्व की लड़ाई का नतीजा है। मिस्बाह के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूटपाट और शस्त्र अधिनियम समेत सात आपराधिक मामले दर्ज थे।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि मिस्बाह पहले छेनू गिरोह के लिए काम करता था। उसने छेनू के रिश्तेदार मुमताज के भतीजे शब्बू के साथ मिलकर 2023 में वेलकम इलाके में हाशिम बाबा गैंग के दो सदस्यों की हत्या की थी। जेल में रहने के दौरान मिस्बाह और शब्बू ने छेनू गिरोह से नाता तोड़कर हाशिम बाबा गैंग का हिस्सा बन गए थे।







