नई दिल्ली। उत्तर दिल्ली के तिमारपुर क्षेत्र में 5 अक्तूबर की रात आग में झुलसकर मरे यूपीएससी अभ्यर्थी रामकेश मीणा (32) की मौत कोई हादसा नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या थी। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए मृतक के साथ रहने वाली युवती और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमृता चौहान (21), सुमित कश्यप (27) और संदीप कुमार (29) के रूप में हुई है। जांच में सामने आया कि अमृता और रामकेश के बीच व्यक्तिगत संबंध थे, लेकिन विवाद तब शुरू हुआ जब अमृता ने रामकेश से अपने कुछ निजी फोटो और वीडियो डिलीट करने को कहा — जिस पर वह राज़ी नहीं हुआ।
आरोप है कि इसी बात से नाराज़ होकर अमृता ने अपने पूर्व प्रेमी सुमित कश्यप और उसके दोस्त संदीप के साथ मिलकर रामकेश की हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, 5 अक्तूबर की रात तीनों आरोपियों ने रामकेश का गला दबाकर हत्या की, और वारदात को हादसे का रूप देने के लिए कमरे में पेट्रोल और शराब डालकर आग लगा दी। बाद में सिलिंडर का गैस वाल्व खोल दिया गया ताकि विस्फोट से यह दुर्घटना लगे।
आग लगने की सूचना पर दमकल टीम मौके पर पहुँची और आग बुझाने के बाद कमरे से एक झुलसा हुआ शव बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में इसे हादसा माना गया था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज में एक युवती और दो युवकों की गतिविधियों ने पुलिस को शक में डाल दिया।
पुलिस ने जब युवती की पहचान की, तो वह अमृता निकली। उसकी मोबाइल लोकेशन वारदात की रात उसी इलाके में पाई गई। पूछताछ में अमृता ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और बताया कि हत्या के बाद तीनों ने कमरे से हार्ड डिस्क और कुछ निजी सामान लेकर फरार हो गए थे। पुलिस ने ये सामान बरामद कर लिया है।
डीसीपी (उत्तर जिला) राजा बांठिया ने बताया कि साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर मामला हत्या का निकला। फिलहाल तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या इस साजिश में कोई और भी शामिल था।







